पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

रबी की बुवाई में जुटे किसान:सोयाबीन की कटाई के साथ ही रबी की बुवाई में जुटे किसान

बारां8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

क्षेत्र में खरीफ की फसलों की कटाई होने के साथ ही किसान अब रबी की बुवाई में जुट गए हैं। हालांकि बकनपुरा व गरड़ा क्षेत्र में अभी भी धान की कटाई पूरी तरह से नहीं हो पाई है, लेकिन सोयाबीन की कटाई होने के बाद किसान सरसों, लहसुन की बुवाई के साथ ही गेहूं की बुवाई के लिए खेतों में पलेवा करने में जुट गए हैं।इस बार बारिश कम होने से किसानों का लहसुन व गेहूं के प्रति रुझान कम है। इसके बावजूद ट्यूबवैल वाले किसान लहसुन की बुवाई के लिए मजदूरों से घरों पर बीज तैयार करवा रहे हैं। इस बार तालाबों में पानी की आवक कम होने से सिंचाई विभाग की ओर से भंवरगढ़ क्षेत्र की नहरों में एक नवंबर से पानी छोड़ने की बात कही जा रही है, लेकिन टेल क्षेत्र में पानी आने में देरी के चलते किसान अपने संसाधनों से ही पलेवा कर पहले सरसों की बुवाई कर रहे हैं। किसान धर्मराज चौधरी ने बताया कि इस बार डैम में पानी कम होने से किसानों का गेहूं के प्रति रुझान कम है। ऐसे में किसान सोयाबीन की कटाई के बाद सरसों की बुवाई कर रहे हैं। कुछ दिन बाद नहरों में पानी छोड़ने पर किसान गेहूं के लिए पलेवा शुरू करेंगे।गेहूं, चने की बुवाई के लिए शुरू किया पलेवा: कस्बाथाना. खरीफ की फसल के बाद किसान रबी की फसलों की तैयारी में जुट गए। किसान मावठ की बारिश के इंतजार में हैं। वहीं कई क्षेत्रों में किसानों ने रबी की फसल की बुवाई की तैयारियां के साथ सरसों की बुवाई शुरू कर दी है। लोगों का मानना है कि सरसों व चने की बुवाई के लिए यह ठीक समय चल रहा है। समूचे क्षेत्र में इन दिनों किसानों ने खेतों में रबी की फसल के लिए पलेवा शुरू कर दिया है। जिन किसानों के पास खेती करने के संसाधन नहीं हैं, उन्होंने नदियों में डीजल पंप रखकर खेतों में पलेवा शुरू कर दिया है। किसानों ने बताया कि गत पांच वर्षों से खेती किसानों को खून के आंसू रुला रही है। इसलिए किसान आर्थिक स्थिति से जूझ रहे हैं। वहीं डीजल भी किसानों की कमर तोड़ रहा है। पहले की अपेक्षा डीजल दिनों-दिन महंगा होता जा रहा है। जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है। साथ ही इस वर्ष नदियों का पानी भी आने वाले समय में रीत जाएगा। मवेशियों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ेगा। प्रशासन की ओर से नदियों में रखे डीजल पंप सेटों पर कोई अंकुश नहीं लगाया गया।खेत खलिहान में दिख रही चहल-पहल: खेतों में किसान परिवार के साथ दिन-रात मेहनत कर रहा है। जिसके तहत खेतों में खरपतवार, कचरे की साफ-सफाई की जा रही है। जिससे खेत खलिहानों में रौनक देखने को मिल रही है।चने के प्रति बढ़ रहा रुझान: जिले सहित कस्बाथाना क्षेत्र में हर बार अतिवृष्टि या अनावृष्टि के कारण प्रत्येक वर्ष गर्मी की अवधि तो बढ़ रही है, लेकिन सर्दी की अवधि कम हो रही है। गेहूं की फसल को तेज सर्दी की जरूरत होती है, जबकि चना व गेहूं कम सर्दी में अंकुरित हो जाता है। फिर चने के भाव भी किसानों को अच्छे मिल रहे हैं। इस कारण क्षेत्र में किसानों का रुझान गेहूं और सरसों की बजाय चने के उत्पादन की तरफ ज्यादा बढ़ रहा है। जिससे चने की बुवाई का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है।मक्का का सरकारी खरीद केंद्र नहीं लगा: इस बार जिले सहित क्षेत्र में मक्का का रकबा अधिक था। वहीं मक्का की पैदावार भी अच्छी हुई, लेकिन कम भाव की वजह से किसानों में मायूसी छा गई। मजबूरी में किसान मक्का की फसल बिचौलियों को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- पिछले कुछ समय से आप अपनी आंतरिक ऊर्जा को पहचानने के लिए जो प्रयास कर रहे हैं, उसकी वजह से आपके व्यक्तित्व व स्वभाव में सकारात्मक परिवर्तन आएंगे। दूसरों के दुख-दर्द व तकलीफ में उनकी सहायता के ...

और पढ़ें