पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

जरूरतमंदों कि सहायता:महासंघ ने अस्पताल और बस्तियाें में बांटे भोजन के पैकेट

बारां8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

व्यापार महासंघ की भोजन सेवा के 37वें दिन रविवार को राजकीय अस्पताल में भर्ती मरीज, परिजनों तथा शहर के जरूरतमंदों और दूरदराज की बस्तियों में रहने वाले परिवारों को भोजन के 800 पैकेट तथा अति जरूरतमंद विधवा, वृद्ध व बेसहारा परिवारों 23 परिवारों को खाद्यान्न किट उपलब्ध करवाए गए। सोमवार को महासंघ की ओर से शहर की कोटा रोड स्थित श्रीकृष्ण गाेशाला तथा नंदिनी गौशाला पर दो ट्राॅली तरबूज गोवंश के लिए भिजवाए जाएंगे।

महासंघ अध्यक्ष ललितमोहन खंडेलवाल, महामंत्री प्रदीप जैन, योगेश कुमरा, कोषाध्यक्ष जिनेंद्र कुमार जैन ने बताया कि महासंघ की 37वें दिन की भोजन सेवा में आज राजकीय अस्पताल परिसर सहित शहर में जरूरतमंदों तथा दूर-दराज बस्तियों में रहने वाले गाड़िया लुहार व बंजारा परिवारों को भोजन पैकेट उपलब्ध करवाए गए। आज की भोजन सेवा में 100-100 पैकेट सुदर्शन झाम्ब, किरणभाई गाठानी, मोलाना आजाद सेवा संस्थान, माणकचंद सोनी कोयला वाले, अनिल भंडारी, कपिश जैन, 100 पैकेट प्रेम खंडेलवाल मेडिकल वाले तथा जगदीश एंड संस का सहयोग प्राप्त हुआ।

महासंघ अध्यक्ष खंडेलवाल ने बताया कि आमजन व जरूरतमंदों की सेवा के साथ-साथ महासंघ ने गौवंश की सेवा का भी बीड़ा उठाया है। सोमवार को शहर की कोटा रोड स्थित नगर परिषद द्वारा संचालित श्रीकृष्ण गौशाला और मनोहरघाट स्थित नंदिनी गौशाला में दो ट्राॅली तरबूज गौवंश के लिए भिजवाए जाएंगे।नागर परिवार की भोजनशाला का किया समापन, बांटे खाने के पैकेटकवाई| राजपुरा जागीर गांव निवासी नागर बोहरा परिवार की ओर से गत एक माह से संचालित भोजनशाला का समापन किया गया। इस मौके पर डीएसपी सोजीलाल मीणा सहित अन्य लोगों ने नागर परिवार का सम्मान करते हुए धन्यवाद दिया। डीएसपी मीणा ने कहा कि जरूरतमंदों की सहायता से बड़ा कोई धर्म नहीं है। विषम परिस्थितियों में अन्य लोगों को भी जनसहयोग करना चाहिए। इसके बाद उन्होंने नागर परिवार की ओर से बनाए गए भोजन के पैकेट जरूरतमंदों को वितरण किया।

सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक परमानंद नागर ने बताया कि लॉकडाउन में नौ अप्रैल से राजपुरा में भोजनशाला संचालित की गई थी। यहां परिवार के बड़े, बुजुर्ग, महिला, पुरुष एवं बच्चों के सहयोग से हर रोज अलग-अलग तरह के भोजन के पैकेट तैयार किए जाते थे। जिन्हें वैन से 15 किमी दूर कवाई में थाने के बीट प्रभारी विक्रमसिंह के सहयोग से दिहाड़ी मजदूरों व जरूरतमंदों को घर-घर वितरित किया जाता था। नंदजी नागर ने बताया कि समापन के मौके पर दिहाड़ी मजदूरों काे भोजन दिया गया।

खबरें और भी हैं...