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व्रत-त्यौहार:ज्येष्ठ मास शुरू, सूर्यग्रहण-एकादशी सहित 8 त्यौहार; हिंदू पंचांग का यह तीसरा महीना 24 जून तक रहेगा

बारां25 दिन पहले
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  • त्यौहारों पर भगवान की पूजा का विशेष संयोग

ज्येष्ठ मास शुरू हो गया है। हिंदू पंचांग का यह तीसरा महीना है, जो 24 जून तक रहेगा। सामान्य तौर पर इस महीने में गर्मी चरम पर रहती है। इस माह कई त्यौहार और व्रत आएंगे। सूर्यग्रहण के साथ वट अमावस्या, गायत्री जयंती, निर्जला एकादशी, शनि जयंती तथा गंगा दशहरा जैसे त्योहार भी रहेंगे। इस दौरान भगवान की पूजा का विशेष संयोग माना जा रहा है। कई व्रत-त्यौहार आने से इस महीने का बड़ा महत्व है।

ज्येष्ठ मास में कब कौनसा व्रत और त्यौहार आएगा और क्या है इनका महत्व

वट सावित्री व्रत 10 को : ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि पर वट सावित्री व्रत भी किया जाता है। इस व्रत पर पूजा और परिक्रमा की जाती है। सत्यवान और सावित्री की कथा सुनाई जाती है। व्रत करने से पति की उम्र बढ़ती है और समृद्धि बढ़ती है। व्रत 10 जून को हगा।

संकष्टी चतुर्थी और अपरा एकादशी भी इसी माह: ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर गणेशजी की पूजा के लिए ये व्रत किया जाता है। संकष्टी चतुर्थी को व्रत से परेशानियां दूर होती हैं। ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी या अचला एकादशी भी कहा जाता है। ये व्रत 6 जून को किया जाएगा।

निर्जला एकादशी 21, पूर्णिमा 24 जून को : हिंदू कैलेंडर के ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि यानि 21 जून को निर्जला एकादशी का व्रत किया जाता है। इस व्रत में पानी पीए बिना रहा जाता है। वहीं, इस महीने की पूर्णिमा का व्रत और दान करने से सौभाग्य प्राप्त होता है।

इस पूर्णिमा पर व्रत करने से संतान सुख भी मिलता है। इस बार ये व्रत 24 जून को किया जाएगा। इसे वट पूर्णिमा भी कहा जाता है। ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि को शनि जयंती के रूप में मनाया जाता है। ये पर्व 10 जून को है। ग्रंथों के अनुसार इस दिन शनि देव का जन्म हुआ था।

13 को रम्भा तृतीया

ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तृतीया पर रम्भा तृतीया व्रत किया जाता है। इस दिन देवी पार्वती की पूजा की जाती है। ये व्रत एक साल तक किया जा सकता है। रम्भा तृतीया व्रत खासतौर से महिलाओं के लिए ही होता है। इस व्रत को करने से सौभाग्य प्राप्त होता है। रंभा ने इसे सौभाग्य प्राप्ति के लिए ही किया था। ये व्रत 13 जून को किया जाएगा।

इसी प्रकार गंगा दशहरा ज्येष्ठ महीने के शुक्लपक्ष की दशमी को ये व्रत किया जाता है। इस दिन गंगा स्नान और विशेष पूजा की जाती है। इसके साथ ही इस दिन दान का भी महत्व है। ये व्रत 20 जून को किया जाएगा।

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