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राहत की मांग:खान-गोपालन मंत्री भाया ने कहा- 600 ऑक्सीजन सिलेंडर और 200 रेमडेसिविर तत्काल मिले

बारांएक महीने पहले
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प्रदेश के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा से चर्चा करते मंत्री प्रमोद जैन भाया। - Dainik Bhaskar
प्रदेश के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा से चर्चा करते मंत्री प्रमोद जैन भाया।
  • कोटा मेडिकल कॉलेज आईसीयू में बारां के लिए 25 बेड आरक्षित हों:भाया ने चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा से मिलकर जिले में अनिवार्य चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाने पर की चर्चा

जिले में कोरोना संक्रमण का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ऑक्सीजन और रेमडेसिवर की कमी से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हो रही है। खान एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने शुक्रवार को प्रदेश के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा से मुलाकात कर बारां जिले में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अनिवार्य चिकित्सा सुविधाएं तत्काल बढ़ाने की मांग की है।

भाया ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र सौंपकर बताया कि बारां जिला कृषि प्रधान है, जहां चिकित्सा सुविधाओं के ढांचे को और अधिक विकसित करने की जरूरत है। बारां के सरकारी अस्पतालों में ग्रामीण क्षेत्रों के अतिरिक्त कोटा जिले के सांगोद, इटावा तहसील व मध्यप्रदेश के सीमावर्ती श्योपुर, गुना व शिवपुरी के रोगी भी इलाज के लिए बारां आ रहे हैं।

यहां के सरकारी व निजी अस्पतालों में इतने अधिक भर्ती मरीजों के लिए प्रतिदिन 600 ऑक्सीजन सिलेंडर्स तथा 200 रेमडेसिविर इंजेक्शन तुरंत प्रभाव से उपलब्ध करवाने के निर्देश प्रदान करें, जिससे बारां में भर्ती गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।

झालावाड़ मेडिकल कॉलेज से 15 एनेस्थेसिया चिकित्सकों को बारां में लगाएं, यहां के 36 वेंटीलेटर्स शुरू कराएं

मंत्री भाया ने पत्र में कहा कि बारां के सरकारी चिकित्सालय में 36 वेंटीलेटर्स हैं, किंतु उनको संचालित करने के लिए एनेस्थेसिया चिकित्सकों की कमी है, जिससे गंभीर कोरोना रोगियों के लिए वेंटीलेटरों की पूरी क्षमता का उपयोग नही हो पा रहा है। चूंकि कोटा मेडिकल कॉलेज में 150 तथा झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में 65 वेंटीलेटर हैं।

जिनको वहां के एनेस्थेसिया चिकित्सक, फेकल्टी एवं मेडिकल छात्र संचालित कर रहे हैं, जबकि बारां में मेडिकल कॉलेज के अभाव में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए झालावाड़ मेडिकल कॉलेज से 15 एनेस्थेसिया चिकित्सकों को तत्काल प्रभाव से बारां में पदस्थापित कर यहां के 36 वेंटीलेटर्स को संचालित करने के निर्देश दें।

बारां के मरीजों को कोटा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करें

मंत्री भाया ने चिकित्सा मंत्री को एक ओर पत्र लिखकर आग्रह किया कि बारां से गंभीर कोरोना मरीजों को संभागीय मुख्यालय पर कोटा मेडिकल कॉलेज में रेफर किया जाता है, लेकिन उनको वहां भर्ती नही किया जा रहा है। जिससे जनमानस में बहुत व्यथा एवं आक्रोश है। कोटा मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड में कम से कम 25 बेड बारां के अति गंभीर रोगियों के लिए आरक्षित करवाएं, जिससे रोगियों की जान बचाई जा सके।

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