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बारां कलेक्टर गिरफ्तार:पीए बोला; लैंड कन्वर्जन या एनओसी की फाइल आते ही कलेक्टर कहते थे पैसे की सेटिंग कराे

बारां4 महीने पहले
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  • प्रदेश का पहला मामला बारां कलेक्टर गिरफ्तार
  • कलेक्टर के सामने बैठाकर पूछताछ करने के बावजूद बयानाें से नहीं डिगा पीए, बोला-इन्हीं के लिए पैसे लेता था, पहले भी लिए हैं, सिर्फ भास्कर में पढ़िए, बारां के पूर्व कलेक्टर मामले की स्टोरी

पीए के जरिए घूस लेने के आराेपी बारां के पूर्व जिला कलेक्टर इंद्र सिंह राव काे बुधवार काे गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में एसीबी मुख्यालय द्वारा गठित की गई एसआईटी ने जांच के शुरुआती तीन-चार दिनाें में ही राव की पूरी जन्म कुंडली तैयार कर ली थी, बस उच्च स्तर से हरी झंडी का इंतजार था। काेटा रेंज एसीबी के इतिहास में यह पहला मामला है, जब किसी आईएएस काे गिरफ्तार किया गया है। भास्कर ने इस मामले की एसीबी द्वारा दर्ज की गई एफआईआर जुटाई तो सामने आया कि कार्रवाई वाले दिन एसीबी ने पीए और कलेक्टर दोनों को आमने-सामने बैठाकर लंबी पूछताछ की थी।सामने बैठकर भी पीए अपने बयानों से नहीं डिगा, उसने साफ कहा कि पैसे कलेक्टर के लिए ही ले रहा था। मामले में पीए महावीर नागर 9 दिसंबर को कार्रवाई वाले दिन ही गिरफ्तार हो चुका है, जो अभी जेल में है। जबकि कलेक्टर को उसी दिन सरकार ने एपीओ कर दिया था और अब अरेस्ट किया गया है। एसीबी ने अपनी एफआईआर में उन्हें नामजद किया था। एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन ने इस प्रकरण की जांच के लिए जयपुर से एएसपी सीपी शर्मा की अगुवाई में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित की थी, जिसमें एसीबी मुख्यालय के स्तर से ही डीएसपी सचिन शर्मा, इंस्पेक्टर महेश चंद तिवाड़ी और कोटा से इंस्पेक्टर रमेश आर्य को शामिल किया था। टीम की रोजाना की रिपोर्ट खुद एडीजी दिनेश एमएन ले रहे थे। यह टीम गत दिनाें कोटा-बारां में कुछ दिन कैंप करके गई अाैर जरूरी सबूत जुटाए थे।

31 साल की नौकरी, 6 बार एपीओ और एक बार सस्पेंड हो चुके हैं राव

भास्कर न्यूज | बारांजिले में पदस्थ रहे तत्कालीन कलेक्टर इंद्रसिंह राव की बुधवार को जयपुर में गिरफ्तारी की खबर मिलते ही शहर में कई तरह की चर्चाऔ का दाैर शुरू हाे गया। मामले में तत्कालीन पीए ने तत्कालीन कलेक्टर राव से एसीबी ने आमने-सामने बिठाकर पूछताछ कराई थी। इसमें पीए ने कलेक्टर राव के लिए एक लाख रुपए लेने की बात कही थी। इधर, पीए की गिरफ्तारी हाेने पर भास्कर ने पहले दिन ही बता दिया था कि इस मामले में कलेक्टर राव की भी कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। जिले में पिछले 15 दिन से तत्कालीन कलेक्टर राव के 1 लाख 40 हजार रुपए के रिश्वत प्रकरण में शामिल होने को लेकर आक्रोश व्याप्त रहा। इंद्रसिंह राव (58) मूलत: राजस्थान प्रशासनिक सेवा 1989 बैच के अफसर हैं। 31 साल के कार्यकाल में उन्हें छह बार एपीओ और एक बार सस्पेंड किया जा चुका है। चार साल पहले ही उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रमोट किया गया था। राव 1999 में पहली बार एपीओ किए गए। फिर 2004, 2005, 2008, 2011 और अब 2020 में छठी बार एपीओ किए गए। बतौर कलेक्टर बारां में उनकी पहली पोस्टिंग थी।

कलेक्टर बोले: मैंने पीए से ऐसी कोई बात नहीं कही, गोविंद को बोला-काम हो गया हैए सीबी ने कलेक्टर से पूछा तो बताया कि मैंने महावीर से ऐसी कोई बात नहीं कही। गोविंद सिंह कल मिले थे, मैंने कहा था कि आपके ऑर्डर मैंने कर दिए हैं, आपका ऑर्डर ले जाना तथा गोविंद सिंह आज भी मेरे पास आए थे तब भी मैंने इनको कहा था आपका काम हो गया है।

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