नुकसान:बारिश से उखड़े गांवों के रास्ते, फसलें खराब

बारां3 महीने पहले
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  • केलवाड़ा और सकतपुर क्षेत्र में बारिश थमने के बाद बदहाल तस्वीरें सामने आने लगी

क्षेत्र में लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने दर्जनों गांवाें के रास्तों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। शनिवार को बारिश थमने के बाद उखड़े हुए रास्तों की बदहाल तस्वीरें सामने आने लगी हैं।क्षेत्र में पिछले बुधवार से बारिश का दौर शुरू हुआ जो लगातार नौ दिनों तक जारी रहा। जिससे क्षेत्र के सभी नदी, नाले, तालाब सहित खेत भी जलमग्न हो गए, फसलें खराब हो गई। इस दौरान क्षेत्र की नदियां उफान पर रहीं और दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया। कई कच्चे-पक्के मकान भी धराशायी हुए। दर्जनों मवेशी भी अकाल मौत का शिकार हुए। शनिवार को बारिश थमी तो गांव के सभी रास्तों की बदहाल अवस्था सामने आई। हालात यह है कि कई गांव के लोग केवल पैदल ही कस्बे तक पहुंच सके। बारिश से क्षतिग्रस्त हुए रास्तों की हालत यह है कि यहां चार पहिया वाहनों का निकालना नामुमकिन हो गया है। ऐसी ही हालत कस्बे से लक्ष्मीपुरा जाने वाले रास्ते की नजर आई।

जिसमें सुंडा गांव के पास नदी की पुलिया ही बह गई। इस रास्ते से गुजरने वालों को परेशानी हो रही है। छिछरोनी को केदारकुई व खंडेला से जोड़ने वाला रास्ता भी बदहाल हो गया है। खेतों की ओर जाने वाले लोगों का यहां से गुजरना बंद हो चुका है। पानी के वेग में यह रास्ता बह गया है। लक्ष्मीपुरा निवासी राजू राणा, छिछरोनी निवासी अमृतपाल सिंह सहित क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त रास्तों को दुरुस्त कराने की मांग की है।सकतपुर| नदीपार क्षेत्र में शुक्रवार रात 10 बजे से बारिश का दौर थमने से खेतों में पानी कम हो रहा है। खेतों में बारिश का पानी भरा रहने से गल कर खराब हुई सोयाबीन की फसलें नजर आने लगी हैं। कई गांवों में बारिश के कारण खेतों में पानी भरा रहने से फसलें खराब हो गई। शनिवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे, सूरज ने भी एक सप्ताह बाद दर्शन दिए। ग्रामीण भी घरों की देख-रेख मे जुटे रहे।

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