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समस्या:रक्तदान कर बचाएं जीवन...कोरोनाकाल में नहीं लग रहे शिविर, ब्लड बैंक में इमरजेंसी का ही स्टॉक बचा

बारां16 दिन पहले
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  • थैलेसीमिया पीड़ित व असहायों की बढ़ी परेशानी, पीएमओं ने स्वंयसेवी संस्थाओं, आमजन से की रक्तदान की अपील

जिले में कोरोना महामारी व लॉकडाउन के कारण रक्तदान शिविर नहीं हो रहे हैं। ऐसे में ब्लड बैंक में अधिकांश ब्लड ग्रुप की कमी आ गई है। इससे थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों व असहायों के सामने परेशानी आ गई है। जिला अस्पताल पीएमओ डॉ. बिहारीलाल मीणा ने बताया कि ब्लड बैंक में ब्लड सिर्फ इमरजेंसी के लिए ही स्टॉक में बचा है। वर्तमान में गर्मी के मौसम में ब्लड की मांग ज्यादा है। थैलेसिमिया पीड़ित 120 बच्चों को रोजाना करीब 10 यूनिट ब्लड की जरूरत होती है। साथ ही सहरिया, दुर्घटना, इमरजेंसी केस व असहाय को भी 15 यूनिट रोजाना ब्लड चाहिए। वर्तमान व्यवस्था को देखते हुए इनको चैरिटी ब्लड करना मुश्किल हो रहा है। कोरोना संक्रमण को लेकर ब्लड डोनेशन कैंप भी आयोजित नहीं हो पा रहे हैं। सिर्फ मिनी कैंप हो रहे हैं। रोजाना ब्लड डिमांड भी ज्यादा आ रही है।

संस्थाएं मरीज के लिए ब्लड बैंक में फोन न करें, डोनर भेजें पीएमओ डॉ. मीणा ने बताया कि ब्लड कैंप लगाने वाली संस्थाओं, आमजन, प्रबुद्ध नागरिकों व रक्तदाताओं से ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान करने की अपील की है। जिनको 3 महीने हो गए हैं, वह भी रक्तदान करें। ब्लड की पूर्ति ब्लड से ही संभव है ब्लड बैंक में ब्लड रहने पर ही किसी मरीज को बचाया जा सकता है। ऐसे में आर्गेनाइजर संस्थाएं किसी भी मरीज के लिए फोन न करके डोनर भिजवाने की कोशिश करें।

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