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विश्व हृदय रोग दिवस आज:दिल को संभालोे..हाई रिस्क में हैं जिले के 15 हजार 594 लोग, नशा दूषित खान-पान, चिंता और अवसाद से लगातार बढ़ रहे हैं हृदय रोगी

बारां2 महीने पहले
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  • 14 लाख की आबादी पर उपचार तो दूर जांच तक के इंतजाम नहीं, रोगियों को समय पर नहीं मिल रहा इलाज

जिले में हृदय रोग से संबंधित जांच और उपचार के इंतजाम नहीं हैं। सबसे बड़े जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को कोटा, झालावाड़ रेफर करना पड़ता है। हार्ट अटैक की स्थिति में अधिकांश मरीज झालावाड़ और कोटा पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। हर साल हो रही जवान मौतों और जिलेवासियों की लगातार मांग के बावजूद जिला अस्पताल में ह्दय रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति, ह्दय रोग विभाग प्रारंभ नहीं किया गया है। जिले में हाइपरटेंशन से पीड़ित 15 हजार 594 पर ह्दय रोग का खतरा अधिक है।

जिलेवासियों की मांग के बावजूद हृदय रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं की जा रही है। भागदौड़ भरी जिंदगी, मिलावटी खाना, धूम्रपान, तनाव और दूषित वातावरण सेहत बिगाड़ रहा है। इससे लोगों में दिल की चिंता को बढ़ा दिया है। साल दर साल हृदय रोग के मरीज बढ़ने लगे हैं। हृदय रोग से मृत्यु के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। गंभीर बात तो यह है कई लोग अस्पताल ले जाने से पहले रास्ते में दम तोड़ देते हैं, तो कई की अस्पताल पहुंचने पर मृत्यु हो जाती है। ऐसे में बारां का आधिकारिक डाटा तक नहीं है।

ऐसे करें बचाव...नशा छोड़े, व्यायाम करें, खानपान में रखें शुद्धता

डिप्टी सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र मीणा ने बताया कि तंबाकू, सिगरेट शराब के कारण दिल की नलियां सिकुड़ जाती हैं। इससे खून भी गाढ़ा होता है। इससे हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है। फास्टफूड में कोलेस्ट्रोल नुकसानदायक है। निष्क्रिय जीवन शैली, अत्यधिक तनाव, हाइपरटेंशन आदि से हृदय रोग का सबसे ज़्यादा खतरा होता है। ऐसे लोगों का कोलेस्ट्रोल, ट्राईग्लिसराइड और वीएलडीएल, एलडीएल ज्यादा होता है। डायबिटीज और हाइपरटेंशन के मरीजों को सप्ताह में कम से कम पांच दिन योग एवं कसरत, ताजे फल एवं सब्जियों का सेवन करना चाहिए। गुटख, तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थ, वसायुक्त भोजन का त्याग करना चाहिए।

युवाओं में भी बढ़ रही ह्रदय रोग की शिकायतें एनसीडी प्रभारी डॉ. राजेश बिरथरिया ने बताया कि दिल की बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। बीमारियों के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं है। युवाओं में हृदयाघात और दिल की बीमारियां जानलेवा हो गई है। प्रारंभिक लक्षणों को चिकित्सा विभाग चिंहित कर रहा है। जिससे हृदय रोगियों को पूर्व में पता लग सके।

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