बस की खिड़की से बाहर था हाथ, कटकर गिरा:ट्रैक्टर-ट्राली से हादसा; हाथ बैग में रखकर सहेलियों की मदद से अस्पताल पहुंची युवती; जान बची

बारांएक महीने पहले

ट्रैक्टर-ट्राली की चपेट में आने से रोडवेज बस में सफर कर रही लड़की का हाथ बाजू से कटकर सड़क पर जा गिरा। उसका हाथ खिड़की से बाहर निकला हुआ था। दर्द से बिलखती लहूलुहान लड़की और उसकी एक सहेली को बस ड्राइवर वहीं उतारकर चला गया। रोती-बिलखती सहेली ने राहगीरों से मदद मांगी, लेकिन कोई आगे नहीं आया।

फिर उसने बारां में रहने वाली अपनी दूसरी सहेली को कॉलकर बुलाया। दोनों सहेलियां घायल युवती और कटे हाथ को बैग में रखकर 8 किलोमीटर दूर बारां जिला हॉस्पिटल पहुंची। युवती की हालत गंभीर होने के चलते उसे कोटा रेफर कर दिया। उसकी जान तो बच गई, लेकिन हाथ नहीं जोड़ा जा सका। फिलहाल कोटा जिला हॉस्पिटल में युवती का इलाज चल रहा है।

बारां जिला हॉस्पिटल चौकी पर तैनात कांस्टेबल सुकेश चौधरी ने बताया कि मांगरोल निवासी ज्योति (18) पुत्री अमर चंद के साथ बुधवार शाम हादसा हुआ था। वह निजी कॉलेज से बीए फर्स्ट ईयर में स्टडी कर रही है। वह कॉलेज में पढ़ने वाली एक सहेली के साथ बारां गई थी। शाम करीब 7 बजे बारां डिपो की रोडवेज बस से दोनों घर लौट रही थी। सफर के दौरान ज्योति ने खिड़की से हाथ बाहर निकाल रखा था। तभी मांगरोल रोड पर बस के पास से ट्रैक्टर ट्रॉली निकली। ट्रॉली में लगी लोहे की एंगल की चपेट में आने से हाथ बाजू से कट गया।

कोटा के जिला हॉस्पिटल में भर्ती ज्योति।
कोटा के जिला हॉस्पिटल में भर्ती ज्योति।

मचा हंगामा, ड्राइवर दोनों को उतार गया
हाथ कटते ही ज्योति खून से लथपथ हो गई। ज्योति के दर्द से चिल्लाने से बस में सवार यात्रियों में हंगामा मच गया। घटना का पता चलने पर ड्राइवर ने बस को रोका। मदद की जगह ड्राइवर ने रोड पर ही लहूलुहान ज्योति और उसकी सहेली को उतार दिया और बस लेकर वहां से रवाना हो गया। दर्द से ज्योति बिलखती रही तो सहेली रोते हुए राहगीरों से मदद मांगती रही। घटनास्थल पर पड़ा हाथ और दर्द से बिलखती लड़की को देखने के बाद भी किसी ने मदद नहीं की।

10 किलोमीटर दूर सहेली से मांगी मदद
ज्योति के साथ मौजूद सहेली ने रोते हुए बारां में रहने वाली सहेली प्रमिला को कॉल कर मदद मांगी। हादसे का पता चलते ही 10 किलोमीटर दूर से प्रमिला स्कूटी लेकर पहुंची। दोनों सहेलियों ने खून से लथपथ ज्योति के हाथ पर कपड़ा बांधकर खून रोकने का प्रयास किया। फिर उसे अस्पताल लेकर भागीं।

ज्योति ने हिम्मत नहीं हारी
बारां जिला हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार के दौरान जिला हॉस्पिटल चौकी से कांस्टेबल सुकेश मौके पर पहुंचा। ज्योति ने पुलिस कांस्टेबल से कहा कि मेरी मम्मी से बात करा दो। कुछ देर बाद मम्मी-पापा हॉस्पिटल पहुंचे। बेटी की हालत देखकर मां बेहोश हो गई।

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