अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आज:जागरूकता और मनोबल से आत्मनिर्भर बनकर हर क्षेत्र में नाम कमा रहीं महिलाएं, बेहतर अवसर बढ़ाएंगे समाज में भागीदारी

बारां9 महीने पहले
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  • राजनीति, खेल, सरकारी व निजी क्षेत्र में आगे बढ़ रही महिलाएं, 912 से बढ़कर 956 पर पहुंच गया लिंगानुपात

जिलेभर में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाएगा। महिलाएं हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं। राजनीति, खेल, सरकारी नौकरी, प्राइवेट नौकरी, गैर सरकारी संस्था सहित प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। शिक्षा के प्रचार और सरकार की योजनाओं से आमजन की सोच में बदलाव आ रहा है। प्रत्येक क्षेत्र में महिलाएं अपनी योग्यता के दम पर नाम कमा रही हैं। जिले में साल 2011 में हुई जनगणना में बारां जिले का लिंगानुपात 912 था, जो अब बढ़कर 956 पर पहुंच गया है।सहरिया महिलाएं योजनाओं से जुड़ चला रही आजीविकाकेलवाड़ा| गोवर्द्धनपुरा की सहरिया महिलाओं का समूह पौधशाला में पौधे तैयार कर रहा है। जिससे आने वाले समय में उनकी आजीविका बढ़ेगी हथवारी में भी मंजू कुशवाह सिलाई मशीन से घर बैठे आमदनी कर रही हैं।

शहर के विकास के लिए कर रहे काम, महिलाओं को आगे लाएंगे: ज्याेति पारसबारां नगर परिषद की पहली महिला सभापति ज्योति पारस का कहना है कि पहले उनके पास सिर्फ घर की जिम्मेदारी थी। अब शहर की जिम्मेदारी को भी बेहतर ढंग से निभाएंगे। वार्ड की समस्याओं से संबंधित शिकायत को लेकर प्रत्येक वार्ड पार्षद के घर पर शिकायत पेटिका लगवाई जा रही है। साथ ही सफाई व कचरा संग्रहण को लेकर भी व्यवस्था को प्रभावी बना रहे हैं। पारस स्वंय ही घर और दफ्तर का कामकाज देखती हैं।

शिक्षा से वंचितों को पढ़ाया, अब उन्हें बना रही आत्मनिर्भर : मीना प्रजापतिसंकल्प संस्था से जुड़े रीड इंडिया की को-ऑर्डिनेटर मीना प्रजापति का कहना है कि शुरुआत में शिक्षा से वंचित किशोरियों को पढ़ाई से जोड़ा। 10-10 किमी तक पैदल चलकर गांवों में पढ़ाई कराई। संकल्प संस्था में केशियर, फिर अकाउंटेंट के रूप में काम किया। महिलाओं को प्रशिक्षण दिया। देशी मसाले एवं आंवला से मिर्ची पाउडर, आंवला कैंडी, आंवला लड्डू, अचार आदि सीखकर करीब दो हजार महिलाएं आत्मनिर्भरता बनी हैं।

हिंसा, भय और भेदभाव मुक्त वातावरण मिले, प्रोत्साहन जरूरी : नितिका गौतमछात्रा नितिका गौतम का कहना है कि महिलाओं का बड़ा हिस्सा आज भरी सामाजिक अन्याय का शिकार हैं। महिलाएं परिवार और समाज में जितना योगदान देती हैं, उसका श्रेय उनको नहीं मिलता है। महिलाएं सशक्त हों, उनको सम्मान और समान अवसर मिले। हिंसा, भय और भेदभाव मुक्त वातावरण मिलना चाहिए। महिलाओं को लेकर संचालित योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन नहीं होता है।

महिलाओं को अवसर मिले तो मनोबल मजबूत कर नौकरी में जाएं: सुनीता जैनरोडवेज मुख्य प्रबंधक सुनीता जैन का कहना है उनका शुरुआत से सरकारी सेवा में अच्छे पद पर नौकरी करने का सपना था। साल 2013 में जैन की रोडवेज निगम में चयन हुआ था। वे पूरी जिम्मेदारी व अनुशासन के साथ कार्य करने का प्रयास करती है। उनका कहना है कि महिलाएं अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, हर क्षेत्र में आगे बढ़कर नित नई ऊंचाईयाें को छूकर परिवार, समाज व देश का नाम रोशन कर रही हैं।

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