प्रेरक पहल:सीताबाड़ी में लगाए 500 पौधों की सार-संभाल में जुटे युवा

बारां4 महीने पहले
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  • पर्यावरण बचाओ समिति ने कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन की कमी को देखकर लिया संकल्प।

कोरोना महामारी के दौरान लोगों को ऑक्सीजन की कीमत का एहसास हुआ। कस्बे के युवाओं ने पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए टीम बनाकर हर रविवार सीताबाड़ी में पौधों की सार संभाल का जिम्मा उठाया जो अनवरत जारी है। पर्यावरण बचाओ समिति की ओर से हर रविवार सीताबाड़ी में एकत्रित होकर पौधरोपण व सार-संभाल की जा रही है। समिति सदस्य नवीन भार्गव ने बताया कि प्रकृति को बचाने के लिए हर व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए और इनके संरक्षण में सहयोग करना चाहिए। समिति सदस्य राज सुमन व भुवनेश गोस्वामी ने बताया कि धार्मिक स्थल सीताबाड़ी में पहले से लगे हुए पेडों की सार-संभाल की जा रही है। साथ ही पौधों के आसपास खरपतवार को नष्ट किया। समिति सदस्यों ने लगभग पांच सौ से अधिक पौधे अब तक सीताबाड़ी परिसर में लगाए हैं। जिनकी सार-संभाल भी की जा रही है।

पौधरोपण में इनका रहा सहयोग

ग्राम पंचायत दांता सरपंच विनोद चंदेल, उपसरपंच, ग्राम विकास अधिकारी, वार्ड पंच, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केलवाड़ा के प्रभारी डॉ. राजेश राजावत, थानाधिकारी भगवानदास शर्मा, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, बजरंग दल, अग्रवाल समाज सहित पर्यावरण बचाओ समिति के राज सुमन, राहुल जोधा, निक्की भार्गव, अभिषेक चौहान, छोटू भार्गव, भुवनेश गोस्वामी, मोनू भार्गव, दिलीप मेहता, आशु गुप्ता ने पौधरोपण किया। जन्मदिन पर अभिषेक भार्गव ने 11 पौधे एवं पंकज लौरी ने 21 पौधे लगाए। समिति के अभिषेक चौहान ने बताया कि हर रविवार सुबह 6 बजे सीताबाड़ी पहुंचकर करीब दो से ढाई घंटे पौधों की सार-संभाल करते हैं। यह मिशन पौधों के बड़े होने तक अनवरत जारी रखा जाएगा।

परिसर में लगाए कई प्रजातियों के पौधे : समिति के राहुल जोधा ने बताया कि समिति ने पीपल, बड़, ऊमर, नीम, इमली, सीसम, गूगल, अशोका, जामुन, आम, बिल्वपत्र, कोहड़ा, महुआ, जंगल जलेबी इत्यादि पौधे लगाए जा चुके है।

सीताबाड़ी विकास समिति ने किया सहयोग : पर्यावरण बचाओ समिति को सीताबाड़ी विकास समिति के अध्यक्ष एसडीएम राहुल मल्होत्रा व सचिव कौशल किशोर राठौर एवं दांता सरपंच विनोद चंदेल के सहयोग से केलवाड़ा व शाहाबाद नर्सरी से पौधे समिति को उपलब्ध कराए। साथ ही सीताबाड़ी विकास समिति सचिव ने पौधों में पानी देने के लिए पाइप एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराए।

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