पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

कोरोना का कहर जारी:12 दिनों में ही 28 मौतें; कोरोना के आगे अस्पताल की व्यवस्था ने घुटने टेके, न तो पर्याप्त बेड, न ऑक्सीजन

बूंदी12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
जिला अस्पताल परिसर में सोमवार को महिला की मौत के बाद बिलखते परिजन। - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल परिसर में सोमवार को महिला की मौत के बाद बिलखते परिजन।
  • सामान्य रोगियों के बीच ही संदिग्ध मरीजों को कर रहे भर्ती, इससे बढ़ रहा डिप्रेशन

कोरोना की कहर के आगे जिला अस्पताल की व्यवस्था ने भी मानो घुटने टेक दिए हैं। 22 अप्रैल से 3 मई तक 12 दिनों में कोरोना से 28 मौतें हुई। जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग भी मौतों के आगे बेबस बना हुआ है। उधर, परिजन अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। यहां तक कि अस्पताल में अब रोज लड़ाई-झगड़े की नौबत आ रही है।

गत दिनों पीएमओ के साथ मरीजों के परिजनों ने ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं होने पर धक्का-मुक्की की। दवाओं की शॉर्टेज, स्टाफ की कमी व बेड की व्यवस्था नहीं होने पर परिजन स्टाफ को खरी-खोटी सुना रहे हैं। जिला अस्पताल में 22 अप्रैल से मौतों का सिलसिला शुरू हुआ जो अब तक जारी है। हालांकि 12 दिनों में 109 मौतें हुई, जिनमें 28 जनों ने कोरोना से दम तोड़ा और 81 जनों ने आइसोलेशन में दम तोड़ दिया।

उधर, अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हुआ। रोगियों की तादाद बढ़ती जा रही है। न तो उनको भर्ती करने के लिए बेड खाली है और न ही ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था है। अब तो दूसरी दवाएं भी खत्म होती जा रही हैं। अस्पताल में मूलभूत सुविधाएं भी सुचारू नहीं है। रोगियों के लिए पानी लाने के लिए परिजनों को बाहर जाना पड़ रहा है, जो पंखे लगे हुए हैं, वह हवा नहीं फेंक रहे हैं। ऐसे में घरों से पंखे लाकर परिजन रोगी को राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

सामान्य रोगियों के बीच भर्ती कर दिया संदिग्ध रोगियों को

सामान्य अस्पताल के सभी वार्डों को कोरोना व आइसोलेशन वार्ड बना दिया है। रविवार रात मेडिकल वार्ड के 10 बेड में 5 मरीज अन्य बीमारियों के भर्ती थे। उसी वार्ड में खाली पड़े बेड पर कोरोना संदिग्ध रोगियों को भर्ती कर दिया। ऐसा करते ही भर्ती रोगियों के परिजन व रोगी डिप्रेशन में आ गए। मेडिकल वार्ड के 48 बेड में से 10 बेड को गैलरी के पास एक कक्ष में रखा गया है। 10 बेड के इस वार्ड के आसपास कोरोना व आइसोलेशन वार्ड है।

42 वर्षीया महिला की मौत, परिजनों ने इलाज में लगाया लापरवाही का आरोप

सर्जिकल स्थित आइसोलेशन वार्ड में सुबह 42 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला का 4 दिन से अस्पताल में इलाज चल रहा था। ऑक्सीजन लेवल कम था। परिजनों ने चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ की वजह से मौत होने का आरोप लगाया है। टीकड़ निवासी 42 वर्षीया महिला 4 दिन से भर्ती थी। परिजनों ने बताया कि ऑक्सीजन लेवल डाउन था।

कई बार नर्सिंग स्टाफ से कहने के बाद भी ऑक्सीजन नहीं लगाते थे। यही नहीं, दवाओं की पर्ची रोज हमें पकड़ा देते। आधी-अधूरी दवाएं मिल रही थी। मौत होने के पहले हम नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर को बार-बार बुलाते रहे, लेकिन कोई नहीं आया। ऑक्सीजन की कमी के चलते मौत हो गई।

जिम्मेदारों के ये हैं जवाब

वार्ड के सभी बेड फुल हैं। ज्यादातर मरीज सीरियस हैं। हर मरीज व उसके परिजन चाहते हैं कि उनकी पूरी केयर हो। स्टाफ की कमी के चलते बहुत दिक्कत आ रही है। एक पेशेंट के 6 से 7 इंजेक्शन व अन्य दवाएं देनी पड़ती है। ऐसे में 4 घंटे तो ट्रीटमेंट देने में ही लग जाते हैं।

इस दौरान इमरजेंसी में कोई भी मरीज आता है तो काम छोड़कर उसको देखना पड़ता है। वार्ड में तीन कक्ष हैं, जिनमें 48 बेड लगे हैं। एक शिफ्ट में तो तीन नर्सिंग कर्मी रहते हैं, लेकिन दोपहर 2 से रात 8 और रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक दो ही नर्सिंग कर्मी रहते हैं।
- शिव दाधीच, आइसोलेशन प्रभारी

मैनपावर की दिक्कत : पीएमओ

सबसे बड़ी दिक्कत मैनपावर की आ रही है। स्टाफ शॉर्ट है। डॉक्टर, नर्सिंगकर्मी, फोर्थ क्लास की जरूरत है। स्टाफ के कई जने कोरोना की चपेट में हैं। ऐसे में स्टाफ धीरे-धीरे शॉर्ट हो गया। दिनोंदिन वर्कलोड बढ़ता जा रहा है। 156 बेड हैं, वह सब फुल हैं। 100 के करीब रोगियों के ऑक्सीजन पर चलने से रोज 170 सिलेंडर खाली हो रहे हैं। पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन का स्टॉक नहीं है।रेमडेसिविर इंजेक्शन आधे मरीजों को ही लगता है। जरूरत के मुताबिक नहीं आ रहा। जहां तक मौतों का सवाल है, अधिकतर रोगी ऐन वक्त पर अस्पताल में आ रहे हैं।
-डॉ. प्रभाकर विजय, पीएमओ

​​​​​​​

​​​​​​​

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- समय कड़ी मेहनत और परीक्षा का है। परंतु फिर भी बदलते परिवेश की वजह से आपने जो कुछ नीतियां बनाई है उनमें सफलता अवश्य मिलेगी। कुछ समय आत्म केंद्रित होकर चिंतन में लगाएं, आपको अपने कई सवालों के उत...

    और पढ़ें