चेहरे पर इतनी गोलियां मारी पहचानना हुआ मुश्किल:सोते युवक पर एक-एक कर किए 6 फायर, जान बचाने के लिए भतीजा पलंग के नीचे छिपा

बूंदीएक वर्ष पहले
घटनास्थल पर पड़ा किसान का शव और जांच करती पुलिस।

बूंदी जिले के सदर थाना क्षेत्र में रविवार देर रात खेत में बने मकान के बाहर सो रहे एक किसान पर ताबड़तोड़ फायर कर हत्या कर दी गई। बदमाशों ने किसान के चेहरे व छाती पर छह राउण्ड फायर किए है। गोलियां से छलनी चेहरा पहनाने में भी नहीं आ रहा था। हमले के समय मकान के अंदर मौजूद भतीजे ने पलंग के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई। सोमवार तड़के सूचना पर पहुंची पहुंची पुलिस ने डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम की मदद से मौके से साक्ष्य जुटाए है। पुलिस को वारदातस्थल पर दो खाली खोल मिले है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया है। पुलिस प्रथमदृष्टया आपसी रंजिश में हत्या करना मान रही है। पुलिस हत्यारों की तलाश कर रही है।

चरपाई पर पड़ा बंटा सिंह का खून से लथपथ शव।
चरपाई पर पड़ा बंटा सिंह का खून से लथपथ शव।

बूंदी एसपी जय यादव ने बताया कि नानकपुरिया गांव के रहने वाले किसान बंटा सिंह (40) की हत्या की गई है। शनिवार रात वह गांव से एक किलोमीटर दूर स्थित खेत पर बने मकान पर भतीजे रणवीर सिंह के साथ गया था। रात को खाना खाने के बाद बंटा सिंह मकान के बरामदे में चारपाई बिछाकर सो गया और भतीजा रणवीर कमरे में सो रहा था। देर रात करीब डेढ़ बजे बदमाश वहां आए। जिन्होंने चरपाई पर सो रहे बंटा सिंह के चेहरे और छाती पर नजदीक से छह फायर किए। ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाज सुनकर मकान के अंदर सो रहा भतीजा रणवीर की नींद खुल गई। डर के मारे वह तुरंत पलंग के नीचे छिप गया। गोलियां से छलनी बंटा की मौके पर ही मौत हो गई। जिसके बाद चार-पांच बदमाशों ने मकान के अंदर घुसकर आए, लेकिन पलंग के नीचे छिपा भतीजे को देख नहीं पाए और वहां से फरार हो गए।

वारदात के बारे में जानकारी देते हुए मृतक बंटा सिंह का भतीजा रणवीर।
वारदात के बारे में जानकारी देते हुए मृतक बंटा सिंह का भतीजा रणवीर।

अंधेरे में चाचा की मौत का नहीं चला पता
भतीजे रणवीर सिंह ने बताया कि फायरिंग की आवाज सुनकर वह डर के मारे करीब 20 मिनट पलंग के नीचे छिपा रहा। जिसके बाद वह बाहर निकलकर आया। अंधेरा होने के कारण चाचा की हत्या के बारे में पता नहीं चला। उसने गांव में जाकर रिश्तेदारों को बताया तो उन्होंने कहा कि तुने कोई सपना देखा होगा, जाकर सो जा। उसने बाद उसने फायरिंग की जानकारी केशवरायपाटन गए मां और बड़े भाई को दी। तड़के करीब 4 बजे मां-भाई खेत पर आए तो बंटा सिंह चरपाई पर खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ मिला। सूचना पर पुलिस आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एफएसएल व डॉग स्क्वायड टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए। पुलिस को मौके पर दो खाली कारतूस के खोल मिले है। जिससे माना जा रहा है कि हमलावरों ने हत्या में पिस्टल काम में ली है। पुलिस ने मौका-मुआयना के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हॉस्पिटल की मोर्चरी भिजवाया।

जांच करते पुलिस अफसर।
जांच करते पुलिस अफसर।

लूट के मामले में मृतक ने काटी जेल
पुलिस ने बताया कि साल 2006 में मृतक बंटा सिंह ने ट्रैक्टर ट्रॉली लूट की वारदात को अंजाम दिया था। डाबी थाना पुलिस ने लूट के मामले में उसे गिरफ्तार किया था। मामले में वह पांच साल जेल में रहकर आया था। पुलिस हत्या का कारण आपसी रंजिश मान रही है।

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