अव्यवस्था / एक्सीडेंटल जोन बना चित्तौड़ रोड चौराहा, 2 साल में 30 हादसे और 4 मौतें हो चुकी

Accidental zone became Chittor road intersection, 30 accidents and 4 deaths in 2 years
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Accidental zone became Chittor road intersection, 30 accidents and 4 deaths in 2 years

  • आरएसआरडीसी-नगरपरिषद ने हादसे रोकने पर कुछ नहीं किया

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:08 AM IST

बूंदी. शहर का चित्तौड़ रोड चौराहा एक्सीडेंटल जोन बन चुका है। दो साल में ही इस चौराहे पर 30 से ज्यादा हादसे, चार मौतें हो चुकी हैं, बहुत से लोग गंभीर घायल हुए हैं। जिंदगियां जा रही है, लोगों में गुस्सा है, पर दो विभागों में उलझा होने के कारण कोई ध्यान नहीं दे रहा। पुराना नेशनल हाईवे और बूंदी-बिजौलिया मार्ग इस चौराहे से ही होकर गुजरता है।

फोरलेन बनने के बाद चौराहे पर इतना ट्रैफिक नहीं है, लेकिन कुछ टेक्नीकल खामियों के चलते सड़क हादसे बढ़ते जा रहे हैं। इसके कारण यह हॉट स्पॉट कैटेगरी में आ गया है। बूंदी-बिजौलिया मार्ग आरएसआरडीसी के पास है और पुराने बाईपास को पीडब्ल्यूडी नगरपरिषद को हैंडओवर कर चुकी है।

दोनों विभागों की जिम्मेदारी होने के बावजूद हादसों पर रोकथाम की दिशा में उन्होंने कुछ नहीं किया। लोग ज्ञापन, प्रदर्शन कर चुके। पीडब्ल्यूडी का इसमें कुछ लेना-देना नहीं, पर अब जनहित को ध्यान में रखकर रोड सेफ्टी में इसका प्रोजेक्ट बनाकर सरकार को भेजने की तैयारी की जा रही है। 
 चित्तौड़ चौराहे के नक्शे में खामी

 इस चौराहे का नक्शा दोषपूर्ण है और यही हादसों का मूल कारण है। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन ने बताया कि दोषपूर्ण नक्शे को ठीक करने के लिए नया प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजा जाए। अन्यथा यह कार्य नगरपरिषद या आरएसआरडीसी के माध्यम से हो। दोनों विभागों के अधिकारियों से भी बात की गई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि नक्शे की स्वीकृति मिले, तब तक यहां स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं।
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इस चौराहे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों और मौतों को रोकने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाए गए। जनप्रतिनिधि ने भी कोई प्रयास नहीं किया। चौराहे पर दुर्घटनाओं के विरोध में जनआक्रोश भी देखा गया। चित्तौड़ रोड का काम आरएसआरडीसी के पास है। सिलोर चौराहे से बाईपास होती हुई सड़क नगर परिषद के अधीन है। उसे सुधार करना तो दूर, उन स्थानों पर स्पीड ब्रेकर-सिग्नल भी नहीं लगवा पाए।

 शर्मा ने कहा कि वे डिप्टी सीएम-पीडब्ल्यूडी मंत्री से अनुरोध करेंगे कि इस प्रस्तावित चौराहे का नया नक्शा जब आपके पास भेजें तो उसे स्वीकृत करें और चौराहे को दुर्घटना मुक्त बनाने में सहयोग करें। साथ ही लोकसभा स्पीकर ओम बिरला रुचि लेकर इसका समाधान कराएं।
बाईपास रोड पर ट्रकों की पार्किंग

 पुराने बाईपास रोड पर दोनों तरफ ट्रकों की पार्किंग रहती है। विकासनगर हाउसिंग बोर्ड के यहां आएदिन हादसे हो चुके हैं। फोरलेन निकलने के बाद पुराने बाईपास रोड वाहनों का आवागमन कम हो गया है, लेकिन रोड के दोनों और ट्रकों के खड़े रहने से विजिबिलिटी नहीं बन पाती और दुर्घटना होती है।
और ये है समाधान

 पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन राजेंद्र टंडन के अनुसार आरएसआरडीसी के प्राेजेक्ट डायरेक्टर ने एक सप्ताह में रंबल स्ट्रिप्स बनाने का आश्वासन दिया है। नगर परिषद आयुक्त को भी पत्र लिखकर स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए कहा गया है। दुर्घटनाओं को देखते हुए लॉकडाउन से पहले सर्वे करवाया गया था। परमानेंट सोल्यूशन के लिए सर्किल तैयार कर ट्रैफिक सिग्नल लगना चाहिए। रोड सेफ्टी में प्रपोजल बनाकर भेजे जा रहे हैं।

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