गड़बड़ी / गलत ऑडिट करनेवाली दो लेखा परीक्षा फर्मों पर कार्रवाई, ऑडिट में छिपाए थे बूंदी-कोटा में कई गबन और घोटाले

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  • ग्राम सेवा सहकारी समितियों में हुए घोटालों का इन फर्मों ने ऑडिट में उल्लेख तक नहीं किया

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 08:24 AM IST

बूंदी. बूंदी-कोटा जिले में ग्राम सेवा सहकारी समितियों (जीएसएस) में लाखों के घोटाले, अनियमितताओं को दबाने के लिए गलत ऑडिट करनेवाली दो लेखा परीक्षा फर्मों पर कार्रवाई की गई है। 
मैसर्स राजेश सी जैन एंड कंपनी और पी. मूंदड़ा एंड एसोसिएट्स चार्टर्ड अकाउंटेंट को सहकारी सोसाइटियों की लेखा परीक्षा के लिए गठित पैनल से हटा दिया गया है। रजिस्ट्रार सहकारी समितियां नरेशपाल गंगवार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। 

जानकारी के अनुसार इन फर्मों ने बूंदी जिले की सिसोला, बालापुरा, रड़ी, सीतापुरा, सुंवासा, बाछोला, रानीपुरा, बाजड़ जीएसएस, कोटा जिले की जोरावरपुरा, कुराड़ जीएसएस सहित कोटा खंड की अन्य ग्राम सेवा सहकारी समितियों की 2011-12 से 2016-17 के बीच इन सोसायटियों में हुई गंभीर अनियमितताओं, गबन ऑडिट रिपोर्ट में दबा दिया। ये गबन, घोटाला बाद में विभागीय जांच, विशेष ऑडिट और अन्य माध्यमों से उजागर हुआ।

आदेश के अनुसार ऑडिट में लापरवाही बरती गई और अपने सांविधिक व पेशेवर उत्तरदायित्व का निर्वहन नहीं किया गया। फर्मों को अपना पक्ष पेश करने का मौका दिया गया, पर कोई संतोषजनक जवाब पेश नहीं किया गया। ऑडिटर्स ने इन जीएसएस में अनियमितताओं, गबन को छिपाया। ऐसे में पंजीयन शर्तों के उल्लंघन पर सहकारी समितियों की ऑडिट के लिए गठित पैनल से इन्हें हटा दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इसमें एक फर्म राजेश सी जैन के खिलाफ कुराड़ जीएसएस की ओर से कोटा जिले के देवली मांझी थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

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