बड़ा मुद्दा / केपाटन में रेलवे ओवरब्रिज के सारे ब्रेकर दूर, दो साल में बन जाएगा

All breakers of railway overbridge in Kapatan will be removed in two years
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All breakers of railway overbridge in Kapatan will be removed in two years

  • 89 करोड़ का काम 10 माह से बंद पड़ा था, पोल शिफ्टिंग, जमीन अवाप्ति, अतिक्रमण हटाना अब शुरू हाेगा
  • आरओबी बनने से राहगीरों को जाम से मिलेगी निजात

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:03 AM IST

केशवरायपाटन. दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर बूंदी रोड रेलवे फाटक पर 10 माह से बंद आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) का निर्माण जल्द शुरू हो जाएगा। यह केपाटन का बड़ा मुद्दा रहा है। टी-आकार के इस आरओबी का काम दो साल में पूरा होने की उम्मीद है। 
पीडब्लूडी के एसई आरएस बैरवा ने बताया कि 89 करोड़ की लागत के इस आरओबी का टेंडर मंजूर हो चुका है। जमीन अवाप्ति, पोल शिफ्टिंग, अतिक्रमण हटाना अब शुरू होगा। लेबर परमिशन मिल चुकी है। उम्मीद है कि इस बार निर्माण में विघ्न नहीं आएगा। इसके बन जाने से खटकड़-जयपुर मार्ग पर बार-बार लगने वाले जाम से निजात मिलेगी।

विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने आरओबी का शिलान्यास किया था। निर्माण दिसंबर 2020 में पूरा होना था। तब रेलवे-पीडब्ल्यूडी की देखरेख में बनाए जाने वाले थ्रीलेग आकार के आरओबी पर 70 करोड़ रुपए खर्च होने थे, जिसमें 46 करोड़ रुपए पीडब्ल्यूडी व शेष रेलवे को देने थे। तीन साइड मिलाकर 1800 मीटर में ग्राउंड लेवल टेस्टिंग के बाद पिलर बनाना शुरू हो गया था, लेकिन निर्माण से प्रभावित दुकानदारों-मकानमालिकों ने कार्य का विरोध शुरू कर दिया। 
आंदोलन को देख निर्माण कार्य बंद करना पड़ गया। इस वजह से लगातार काम बंद रहा। इस देरी से लागत बढ़कर 89 करोड़ पहुंच गई। आरओबी निर्माण का विरोधकर्ता व्यापारियों का कहना था कि जिस जगह पर थ्रीलेग ब्रिज बनाया जा रहा है, उससे कई परिवार बेरोजगार हो जाएंगे, कई घर उजड़ जाएंगेे। ब्रिज का निर्माण गेट नंबर 115-116 के बीच किया जाए, ताकि नुकसान नहीं हो। 
शुगरमिल चाैराहा रहेगा यथावत 
पीडब्ल्यूडी और रेलवे द्वारा मेगाहाईवे पर आरओबी की डिजायन थ्रीलेग आकार की बनाने से मेगाहाईवे पर व्यस्त शुगरमिल चाैराहे की व्यापारिक गतिविधियां यथावत बनी रहेगी। कोटा-लाखेरी से आने-जाने वाले वाहनों को आरओबी पर नहीं जाना पड़ेगा। ब्रिज बनने के बाद बूंदी-केपाटन आने-जानेवाले, बूंदी से लाखेरी जानेवाले ब्रिज के ऊपर से होकर, कोटा से लाखेरी नीचे से,  केपाटन से कोटा जानेवाले या लाखेरी से केपाटन आनेवाले ब्रिज के नीचे से होकर गुजरेंगे।  
यहां से होगी शुरुआत
बूंदी रोड फाटक के आवागमन को निकालने के लिए आरओबी की शुरुआत कृषि मंडी, हाईवे पर पंचायत समिति व बूंदी रोड पर खटकड़ तिराहे के पास से होगी। केपाटन से शुगरमिल चौराहे पर जानेवाले व कोटा से आनेवाले वाहनों के लिए आरओबी के सहारे सर्विस रोड रहेगा। कोटा-केपाटन आने-जाने वाले वाहनों को आरओबी पर नहीं जाना पड़ेगा। 
पापड़ी के पास का भी दोबारा टेंडर भेजा
इसी तरह लाखेरी रोड पर पापड़ी गांव के पास अधूरे पड़े आरओबी का निर्माण शुरू होने की भी उम्मीद बंधी है। एसई आरएस बैरवा ने बताया कि माइनस आकार के इस आरओबी के दोबारा टेंडर भिजवा दिए गए हैं। इसके निर्माण पर 40 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 
^ आरओबी से प्रभावित होनेवाले व्यापारियों व मकान मालिकों के अवरोध के कारण 10 माह से निर्माण बंद पड़ा था। आरओबी की डिजायन में सभी के हित का ध्यान रखा गया है। प्रभावित होने वालों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। उच्चस्तर पर हुए निर्णय के अनुसार निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है। -राजाराम मीणा, एईएन, पीडब्ल्यूडी केपाटन

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