कोटा के एक्सपर्ट बनाएंगे ड्राइंग:बरूंधन पहुंचे ब्रिज एक्सपर्ट, फुट ब्रिज के लिए किया नाप-जोख

बूंदी2 महीने पहले
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बूंदी. बरूंधन में पुलिया को लेकर नाप-जोख करते और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से चर्चा करते फुटब्रिज एक्सपर्ट। - Dainik Bhaskar
बूंदी. बरूंधन में पुलिया को लेकर नाप-जोख करते और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से चर्चा करते फुटब्रिज एक्सपर्ट।
  • पीडब्ल्यूडी के एसई बोले-दो-तीन दिन में बन जाएगी ड्राइंग, फिर तैयार होगा एस्टीमेट

बरूंधन को बांट रही घोड़ापछाड़ नदी पर फुट ब्रिज की संभावना तलाशने के लिए कोटा से ब्रिज एक्सपर्ट आरपी शर्मा बूंदी आए। शर्मा पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड एक्सईएन हैं और जिले का माखीदा पुल बनाने में उनका बड़ा रोल रहा है। पीडब्ल्यूडी एसई वीके जैन, ब्रिज एक्सपर्ट आरपी शर्मा, एक्सईएन राजीव जैन, एक्सईएन एसएन मीणा की टीम बरूंधन पहुंची और नाप-जोख किया। टीम करीब एक घंटे तक बरूंधन में रुकी। इस मौके पर सरपंच प्रतिनिधि पुरुषोत्तम शर्मा सहित बरूंधन के ग्रामीण भी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि नदी पर पुलिया नहीं होने के कारण नदी पार बरूंधन के बच्चों को जान जोखिम में डालकर टूटी-फूटी नाव से नदी पार कर आना-जाना पड़ता है, इसके अलावा बीमार, बुजुर्गों, प्रसूताओं सहित ग्रामीणों को भी हर रोज यह खतरा उठाना पड़ता है।ब्रिज एक्सपर्ट आरपी शर्मा के इंस्पेक्शन के बाद अब फुट ब्रिज की ड्राइंग तैयार होगी। एसई वीके जैन ने बताया कि इसके लिए ड्राइंग एक्सपर्ट और इंजीनियरिंग कॉलेज कोटा के रिटायर्ड प्रोफेसर आरसी मिश्रा को बूंदी बुलाया गया है। िमश्रा अभी अजमेर में हैं और एक-दो रोज में लौटकर फुट ब्रिज की ड्राइंग तैयार करेंगे। पता चलेगा कि कितना लोहा लगेगा। उस आधार पर ब्रिज का एस्टीमेट तैयार होगा।

अब उम्मीद जगी...कलेक्टर से मिले थे बरूंधन के लोग, बताई थी पीड़ा

नदी पर पुलिया को लेकर चल रही प्रशासनिक सक्रियता से बरूंधन के लोगों को उम्मीद जगी है। सरपंच भारती शर्मा, पुरुषोत्तम शर्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने कलेक्टर, पीडब्ल्यूडी एसई को इस मामले को गंभीरता से लेने और उनकी पीड़ा समझने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही सरपंच भारती के नेतृत्व में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल बूंदी में कलेक्टर रेणु जयपाल से मिला और उन्हें पुलिया बनवाने के लिए ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल में वार्ड पंच जोंटी बैरवा, सुखचैनसिंह, राधेश्याम सोलंकी, शंकर बैरवा सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे। उन्होंने कलेक्टर को बताया कि बरूंधन के तीन वार्ड नंबर 9, 10, 11 व सांवलपुरा, गादेगाल, गुमानपुरा के लोग भी नदीपार से जुड़े हैं, उनको भी नाव का ही सहारा है। करीब 300 बच्चे नाव से ही स्कूल आ-जा पाते हैं। नाव से नदी पार जाने का खतरा नहीं लें तो फिर 100 मीटर की दूरी के लिए 16 किमी का चक्कर काटकर आना-जाना पड़ता है।

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