सुखद / बाल विवाह में भी इस बार सुरक्षित रही बूंदी

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  • लाॅकडाउन के चलते नहीं लगा कलंक

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 06:23 AM IST

बूंदी. बाल विवाह में प्रदेश में अग्रणी रहने वाले जिले में इस बार लाॅकडाउन के चलते कलंक नहीं लग पाया है। बाल विवाह रुकवाने की मशक्कत जैसी नौबत नहीं आई है, न इसकी शिकायतें मिली। 
आखा तीज, पीपल पूर्णिमा के अबूझ सावों पर बाल विवाह की बड़ी आशंका रहती है। प्रशासन की सख्त निगरानी और निषेधात्मक आदेशोें के बावजूद बहुत से लोग चुपचाप बाल विवाह करा लेते हैं। शिकायत होने पर प्रशासनिक अमले की दौड़भाग के बाद विवाह रुकवाते हैं। पिछले साल बाल विवाहों के 28 शिकायती प्रकरण दर्ज हुए, जिन पर कार्रवाई की गई। संबंधित लोगों को पाबंद किया गया। इस बार अबूझ सावा निकलने पर भी ऐसी स्थिति नहीं आ पाई। सहायक निदेशक महिला अधिकारिता विभाग भैरुप्रकाश नागर ने बताया कि बूंदी जिले का बाल विवाह के मामले में राजस्थान में 8वां स्थान है। 
साथिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहयोगिन के प्रयासों से समाज में काफी जागरूकता आई है। लोग इस कुरीति के दुष्परिणाम समझने लगे हैं। फिर भी हर साल चोरी छिपे बाल विवाह होने से इनकार नहीं किया जा सकता। इस बार अब तक एकमात्र शिकायत मिली, जो कोटा से संबंधित होने के कारण पाबंद करने की कार्रवाई कोटा से की गई।

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