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भास्कर लाइव - प्रसूताओं व शिशुओं का गर्मी में हाल:जनाना अस्पताल का डक्टिंग कूलर सिस्टम फेल, भर्ती प्रसूताओं व शिशुओं का गर्मी में हाल बेहाल

बूंदी21 दिन पहले
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  • मरीजों की परेशानी से अस्पताल प्रशासन बेपरवाह, परिजन घरों से पंखे ला रहे

अगर आपके कोई परिजन बूंदी जिला मुख्यालय के जनाना अस्पताल की मातृ शिशु इकाई में भर्ती हैं तो गर्मी से बचने के लिए आपको स्वयं का ही इंतजाम करना होगा। यहां का डक्टिंग कूलर खराब हो चुका है। नतीजा यह है कि भर्ती प्रसूताओं व बच्चों को गर्मी में हालत खराब हो रही है। उमस भरे माहौल में कुछ घंटे भी वहां रहना मुश्किल हो रहा है। कई लोगों ने तो अपने घरों से टेबल फैन लाकर लगा रखे हैं। वहीं गांवों से आने वाले लोग पंखियों व गत्तों से भर्ती मरीज को हवा देने का जतन कर रहे है।

भास्कर पड़ताल ने बुधवार को अस्पताल में कई मरीज गर्मी से बेहाल दिखे।जनाना अस्पताल में गर्मी में वार्डों को ठंडा रखने के लिए एसी की जगह डक्टिंग कूलर सिस्टम लगाया हुआ है। पिछले कुछ दिनों से यह सिस्टम फेल हो गया है। ऐसी स्थिति में एफबीएनसी, पीएनसी, कुपोषित, बच्चा वार्ड में भर्ती प्रसूताओं व बच्चांे को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि इस बारे में अस्पताल प्रशासन को पता है, लेकिन मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

पीएनसी यूनिट में 45 बेड हैं, जिनमें से 43 बेड पर प्रसूताएं भर्ती थी। गर्मी व उमस के चलते माताओं के साथ मौजूद छोटे बच्चे रोते नजर आए। प्रसूताओं का गर्मी के कारण जी घबरा रहा था। ऐसी स्थिति में उनके साथ मौजूद परिजन का भी हाल-बेहाल हो रहा था। कभी वे खुद के तो कभी मरीज के हवा करते नजर आ रहे थे। इसी तरह बच्चा वार्ड में भी ऐसे ही हालात थे। हालांकि इस वार्ड में 22 में से 5 बेड ही भरे हुए थे। वहीं एफबीएनसी यूनिट में भी 8 बेड भरे हुए थे।

3 केस स्थिति ऐसी कि सामान्य व्यक्ति भी यहां ज्यादा देर रुक नहीं सकता

केस-1) इंद्रगढ़ निवासी सीमा ने बताया कि नसबंदी का ऑपरेशन हुआ है। दो दिन से यहां भर्ती हूं। ठंडी हवा के लिए यहां कोई व्यवस्था नहीं है। ऑपरेशन के कारण हिल-डुल भी नहीं सकती। कपड़े पसीने में भीग रहे हैं। स्टाफ से बात की तो वे कूलर खराब होना बता रहे हैं। अब तो छुट्‌टी होने का इंतजार है।

केस-2) हिंडौली निवासी रिजवाना ने बताया कि चार दिन पहले ऑपरेशन करवाया था। यहां भीषण गर्मी में भी चिकित्सा विभाग ने रोगियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की हुई है। डक्ट कूलर खराब है तो इन्हें तुरंत सही करवाना चाहिए। यह जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां भी रोगी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, जबकि लाखों रुपए सिस्टम पर खर्च हुए होंगे। परिजनों को रिश्तेदार के यहां से टेबल फैन लाना पड़ा है।

केस-3) बूंदी महावीर कॉलोनी निवासी अमरीन ने बताया कि बेटे को बुखार की शिकायत व ब्लड की कमी होने से दो दिन पहले भर्ती करवाया था। बेटे का गर्मी के कारण जी घबरा रहा है। ऐसे में गत्ते से हवा करनी पड़ रही है। जो पंखा लगा हुआ है उससे काम नहीं चल पा रहा है। खिड़कियां खोलते हैं तो उसमें से गर्म हवा आती है। जब स्वस्थ व्यक्ति ही यहां नहीं रह पा रहा तो रोगी की क्या हालत हो रही होगी।^एक माह पहले डक्ट कूलर को ठीक करवाए थे। अब फैन बेल्ट टूट गई है, जिसे ठीक करवाने के लिए संबंधित एजेंसी को ऑर्डर कर दिया है। गुरुवार को दुरुस्त करवा देंगे।-डॉ. प्रभाकर विजय, पीएमओ

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