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सोशल डिस्टेंस के साथ एलसीडी से किए दर्शन:आस्था नहीं राेक पाई दूर से दर्शन, इंद्रगढ़ में तड़के चार बजे लगी 8 किमी की परिक्रमा, पहाड़ी पर पहुंचे 5 हजार श्रद्धालु

बूंदी12 दिन पहले
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  • इंद्रगढ़ की बीजासन माताजी के सोशल डिस्टेंस के साथ एलसीडी से किए दर्शन, सुरक्षा बंदोबस्त रहे

नवरात्र के पहले रोज लाेक आस्था के प्रसिद्धस्थल बीजासन माता मंदिर में श्रद्धालु सोशल डिस्टेंस के साथ एलसीडी पर ही दर्शन कर सके। श्रद्धालुओं ने तड़के 4 बजे से बीजासन माता की बड़ी परिक्रमा भी लगाई। यह परिक्रमा 8 किमी की है।कोरोना के कारण हर साल नवरात्र में रहने वाली रौनक इस बार गायब थी, क्याेंकि मेला भी नहीं भरा। काेराेनाकाल में सुरक्षा के भी अपने इंतजाम रहे। मंदिर के पुजारियों ने माता रानी का शृंगार कर विशेष पूजा-अर्चना की। बीजासन माता के पहाड़ी पर मौजूद मुख्य मंदिर के दरवाजे सरकारी आदेशों के तहत बंद हैं। ऐसे में मंदिर के बाहर सीढ़ियों के समीप एलसीडी लगाई गई है। एलसीडी के जरिए ही आने वाले श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि मुख्य मार्ग के समीप नीचे वाले मंदिर के चैनल गेट लगे हुए हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालु आस्था के चलते बाहर से ही मंदिर के दर्शन कर रहे हैं। शनिवार को नवरात्र के पहले दिन इंद्रगढ़ बीजासन माता के दरबार में सुबह से रात तक लगभग 5 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने सोशल डिस्टेंस बनाते हुए दर्शन किए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इंद्रगढ़ पुलिस के जवान भी गश्त करते रहे। थानाप्रभारी राजेश मीणा ने बताया कि शनिवार को पहले दिन लगभग 5 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। श्रद्धालुओं की मंदिर में एक साथ भीड़ इकट्ठा नहीं होने दी गई। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में पुलिस ने श्रद्धालुओं को मास्क भी बांटे।

सथूर माता मंदिर में पहली बार नवरात्र में सन्नाटा बसोली. सथूर में प्रसिद्ध आस्थास्थल रक्तदंतिका माता मंदिर में सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए पूजा-अर्चना के साथ माता का विशेष शृंगार किया गया। हालांकि देवस्थान विभाग की ओर से माताजी की घटस्थापना कार्यक्रम निरस्त करने से श्रद्धालुओं भीड़ नजर नहीं आई। वहीं, बसोली और आसपास के गांवाें के मंदिरों व घरों पर लाेगों ने घट स्थापना की। कोरोना गाइडलाइन के तहत मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही पर रोक लगी रहने से डाटूंदा बीजासन माता, सथूर में रक्तदंतिका माता और दूसरे मंदिरों पर सन्नाटा पसरा रहा। करीबी बड़ौदिया में भीमपुरिया बालाजी, सथूर में कचहरी वाले बालाजी के मंदिर पर नवयुवक मंडल द्वारा अखंड रामायण पाठ किया जाता था, लेकिन इस बार नहीं किया गया। बसोली थानाप्रभारी भंवरसिंह राणावत ने बताया कि सभी प्रसिद्ध मंदिर परिसर में सरकार के आदेशानुसार श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ नहीं होने दी गई। वहीं श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंस के साथ दर्शन करवाए।

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