फॉगिंग नहीं होने से बढ़ा बीमारियों का खतरा:शहर में मात्र एक मशीन से फॉगिंग, 35 वार्डों में 500 KM की दूरी कर रही तय

बूंदी21 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
लाखेरी कस्बे में फॉगिंग करते कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
लाखेरी कस्बे में फॉगिंग करते कर्मचारी।

बूंदी जिले के लाखेरी कस्बे में डेंगू के बीच पालिका बढ़ती बीमारियों की आशंका को लेकर संवेदनशील नहीं है। सफाई से लेकर कीटनाशकों की रोकथाम को लेकर लापरवाह बनी हुई है। इसका ही उदाहरण है कि लंबे समय से मांग करने के बावजूद पालिका ने पूरे शहर की फॉगिंग के लिए महज एक मशीन की व्यवस्था की है। यह मशीन भी चेयरमैन आशा शर्मा की ओर से दिए गए नोटिस के बाद खरीदी गयी।

चेयरमैन आशा शर्मा ने ईओ मुकेश नागर को सफाई व्यवस्था मे रूचि नहीं लेने व फॉगिंग मशीन के बारे में शीघ्र निर्णय नहीं करने पर चार दिन पहले नोटिस दिया था। इसके बाद पालिका प्रशासन ने महज एक फॉगिंग मशीन खरीदी। लाखेरी के 35 वार्डों में फॉगिंग मशीन 500 किमी की दूरी तय करती है। मुख्य बाजार से लेकर सभी वार्डों की गलियों के साथ लाखेरी के आसपास के एरिया में फॉगिंग होती है। ऐसे में एक मशीन से पूरे शहर में फॉगिंग करने पर अनुकूल परिणाम की अपेक्षा कम है। इससे पहले पालिका के पास सेक्टर वाइज तीन मशीनें थी, जो खराब हो गयी। अब लाखेरी में सफाई के सात सेक्टर बनाए गए है। इस बारे में ईओ मुकेश नागर कहते है कि जल्दी ही और मशीन खरीदने की योजना है।