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  • For The First Time After The Formation Of Ramgarh Tiger Reserve, The Wildlife Will Be Counted From The Transit Line, Earlier The Calculation Was Done At The Water Points.

तैयारी शुरू:रामगढ़ टाइगर रिजर्व बनने के बाद पहली बार ट्रांजिट लाइन से होगी वन्यजीवों की गणना, पहले वाटर प्वाइंटों पर होती थी गणना

बूंदीएक महीने पहले
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  • वनखंडों को 33 बीट में बांटा, प्रत्येक बीट में बनाई जाएगी ट्रांजिट लाइन, इसके बाद प्रे-बेस शिफ्ट करने को मिलेगी गति

रामगढ़ टाइगर रिजर्व बनने के बाद पहली बार वन्यजीवों की गणना ट्रांजिट लाइन के जरिए होगी। अब तक रामगढ़ सेंचुरी में वाटर प्वाइंटों पर वन्यजीवों की गणना की जाती थी। ट्रांजिट लाइन से गणना के लिए सरकार से आदेश मिलने के साथ ही इसके लिए वाइल्ड लाइफ ने तैयारी शुरू करते हुए मंगलवार को जैतसागर के समीप स्थित रामगढ़ रेंज कार्यालय में वनकर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया। कर्मचारियों को ट्रांजिट लाइन की सभी बारीकियां एक्सपर्ट्स द्वारा बताई गई।खास बात यह है कि ट्रांजिट लाइन के जरिए वन्यजीवों की गणना के साथ ही वनस्पतियों, शाकाहारी वन्यजीवों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकेंगी। वहीं ट्रांजिट लाइन से गणना होने के बाद टाइगर रिजर्व में प्रे-बेस छोड़े जाने को भी गति मिल सकेगी। इसकी जल्दी ही तारीख घोषित होने की उम्मीद की जा रही है।

डब्ल्यूआईआई के साइंटिस्ट ने दी ट्रेनिंग

रामगढ़ टाइगर रिजर्व में एनटीसीए की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार एम स्ट्राइप्स के माध्यम से पहली बार देश में पेपरलेस होने वाली टाइगर एस्टीमेशन को लेकर वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साइंटिस्टों ने मंगलवार को ट्रेनिंग दी।

जीपीएस द्वारा 2 किमी लंबी व 2 मीटर चौड़ी समानंतर ट्रांजिट लाइन बनाई जाएगी। इस चौड़ाई में दो व्यक्ति आसानी से चल सकते हैं। दोनों लाइनों पर 400 मीटर पर एक गोला बनाया जाएगा। इसके बाद एक मीटर व फिर 5 मीटर पर गोला बनाया जाना है। गणना करने वाले लाइन (ट्रैक) पर चलते हुए वनस्पतियों की डिटेल लिखनी होगी। शाकाहारी वन्यजीवों के मल का इंद्राज किया जाएगा। जो वन्यजीव नजर आएंगे, उनकी रेंज नापने के यंत्र के जरिए दूरी नापी जाएगी। इस बात का खास ख्याल रखा जाएगा कि एक बार गणना में चढ़ने के बाद वन्यजीव दुबारा गणना में नहीं चढ़े।

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