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  • Good Sign... 9 Bears, 12 Panthers Increased In 1 Year In Ramgarh Tiger Reserve, Presence Of Tiger T 115 Has Remained Since 18 Months

एक्सक्लूसिव:शुभ संकेत... रामगढ़ टाइगर रिजर्व में 1 साल में 9 भालू, 12 पैंथर बढ़े, 18 माह से बनी हुई है टाइगर टी-115 की मौजूदगी

बूंदीएक महीने पहले
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  • शाकाहारी वन्यजीवों की तादाद में भी हो रही बढ़ोतरी, अब नोटिफिकेशन का इंतजार और खुल जाएंगे समृद्धि के द्वार

बीरू शर्मा | बूंदी जंगल में टाइगर की मौजूदगी का मतलब अनुशासन। बाहरी दखल बंद होने के साथ ही जंगल के वन्यजीवों को एक अच्छा व उपयुक्त माहौल मिलता है, जिससे उनकी तादाद में बढ़ोतरी होती है। जैव विविधता की दृष्टि से रामगढ़ टाइगर रिजर्व काफी समृद्ध है। समृद्धता को इसी बात से जान सकते हैं कि पिछले 12 माह में भालुओं की तादाद में डेढ़ गुना व पैंथर की तादाद में दोगुना वृद्धि हुई है। पिछले साल गणना के दौरान भालू व पैंथर दिखाई दिए थे, वे अब व्यस्क दिखाई देने लगे हैं।इसके अलावा शाकाहारी वन्यजीवों की तादाद में काफी अच्छी बढ़ोतरी हो रही है। यह सबकुछ टाइगर रिजर्व के लिए अच्छे संकेत हैं, क्योंकि जैव विविधता का मतलब एक ही स्थान पर सभी तरह की वनस्पतियां व वन्यजीवों का पाया जाना है। जैतपुर रेंज के रेंजर धर्मराज गुर्जर ने बताया कि भालू व पैंथर सहित अन्य वन्यजीवों की तादाद में बढ़ोतरी होना अच्छे संकेत हैं। पिछले साल गणना में भालू व पैंथर शावकों के साथ भी दिखाई दिए थे।

वन्यजीवों से जंगल समृद्ध }रिजर्व में पहाड़ी नालों व कंदराओं की भरमार, प्रजनन के लिए बाहरी दखल न हो

टाइगर रिजर्व में पहाड़ी नालों व कंदराओं की कमी नहीं है। भालुओं के लिए यह अच्छे प्राकृतिक आवास माने जाते हैं। इसके अलावा ऊंचे दरख्तों पर मधुमक्खियों के छत्तों से मिलने वाला शहद, दीमक भालुओं का पसंदीदा भोजन है।टाइगर की मौजूदगी से टाइगर रिजर्व में बाहरी दखल बंद है। वनकर्मियों द्वारा नियमित ट्रेकिंग की जा रही है, जिससे उनकी हर गतिविधि पर नजर रहती है। बाहरी दखल से वन्यजीव निवास को अनुकूल नहीं मान पाते हैं, जिसका उनके प्रजनन पर असर पड़ता है। भालू, पैंथर सहित अन्य वन्यजीवों की बढ़ोतरी होने का प्रमुख कारण यही माना गया है कि यहां बाहरी दखल पूरी तरह से बंद है।

यूं समझें... वन्यजीवों की वृद्धि कोपिछले साल हुई गणना में विभिन्न वाटर प्वाइंटों पर 16 भालू नजर आए थे। मादा भालुओं के साथ उनके बच्चे भी दिखाई दिए थे। 12 माह में इनकी तादाद बढ़कर 25 पर पहुंच गई है। इसी तरह पैंथर पिछली गणना में 12 दिखाई दिए थे, जिनकी तादाद बढ़कर 24 हो गई है। इसके अलावा आरटीआर के बफर जोन लाखेरी, तलवास, कालदा वन क्षेत्र, भीमलत के जंगल, हिंडौली के जंगलों में भी पैंथर की मौजूदगी मिली है।

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