प्रचंड गर्मी / नौतपा में कल से बढ़ेगी गर्मी; डॉक्टर की सलाह- बाहर निकलें तो लू से बचें

Heat will increase in Nautpa from tomorrow; Doctor's advice- Avoid LU if you exit
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Heat will increase in Nautpa from tomorrow; Doctor's advice- Avoid LU if you exit

  • रोहिणी नक्षत्र में सूर्यदेव का प्रवेश 24 मई को रात 2 बजे, अधिकतम 44 डिग्री सेल्सियस जा पहुंचा

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:36 AM IST

बूंदी. दाे दिन बाद नौतपा शुरू होने वाला है। आहट पहले ही महसूस होने लगी है। शुक्रवार को टेम्प्रेचर 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। असहनीय गर्मी-लू के थपेड़े बाकी हैं। नौतपा यानी गर्मी के सीजन के सबसे गर्म दिन, जिनमें तापमान 48 डिग्री तक जा पहुंचता है। 24 मई को सूर्यदेव रात 2 बजकर 3 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जो 7 जून को मध्यरात 11 बजकर 57 मिनट तक रोहिणी नक्षत्र में ही रहेंगे। खीण्यां के ज्योतिषाचार्य पंं. शिवप्रकाश दाधीच के अनुसार सूर्यदेव के रोहिणी नक्षत्र में रहने तक गर्मी अपने प्रचंड वेग पर होती है। साल में एक बार रोहिणी नक्षत्र की दृष्टि सूर्य पर पड़ती है। यह नक्षत्र 15 दिन रहता है। शुरुआत के 9 दिन सर्वाधिक गर्मी पड़ने से इसे नौतपा कहा जाता है। मई के आखिरी सप्ताह में सूर्य और पृथ्वी के बीच दूरी कम हो जाती है और इससे धूप और तेज हो जाती है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक सूर्य तेज और प्रताप का प्रतीक है, जबकि चंद्रमा शीतलता का। रोहिणी नक्षत्र का मुख्य रूप से अधिपतिग्रह चंद्रमा है। सूर्य चंद्रमा के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश कर इस नक्षत्र को अपने प्रभाव में ले लेता है। सूर्य के इस नक्षत्र में आने से तापमान बढ़ जाता है। धरती पर आंधी-तूफान की आशंका बढ़ जाती है।
नाैतपा की गणित, जितनी तपे-उतनी ही बरसात

नौतपा के दौरान तेज गर्मी रहने पर बारिश के अच्छे योग और कम तपन पर बारिश में कमी दर्शाती है। सर्व तपे जो रोहिणी, सर्व तपे जो मूल पड़वा तपे जो जेठ की उपजे सातों तूर अर्थात रोहिणी नक्षत्र जितना ज्यादा तपता है, उतना ही शुभ रहता है। रोहिणी का तपना अच्छी बरसात के साथ सभी प्रकार के धान्यों की अच्छी उपज का संकेत माना है। रोहिणी में सूर्य के प्रवेश के बाद पहले 4 दिन अच्छे तपे तो आषाढ़ के महीने में अच्छी बरसात, मध्य में अच्छा तपे तो सावन भादो में अच्छी बरसात अगर अंत तक रोहिणी अच्छी तपे तो चौमासा में अच्छी बरसात होने का संकेत है। यदि रोहिणी नक्षत्र में बरसात हो जाए तो शुभ नहीं माना जाता है।
गुरु-शनि की वक्री चाल से रोहिणी तपेगी

पं. दाधीच ने बताया कि गुरु व शनि की वक्री चाल के चलते रोहिणी खूब तपेगी। 7 जून को मध्य रात 11.57 बजे से सूर्यदेव के मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करने के कारण आंधी-तूफान-तेज हवा का दौर प्रारंभ होने के कारण गर्मी से राहत मिलेगी। इसके बाद 21 जून को रात्रि 11 बजे सूर्य के आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश के साथ ही मानसून की बरसात शुरू हो जाएगी।
सलाह: लू से बचने के लिए अधिक व साफ पानी पीयें
तापमान में हो रही बढ़ोतरी से अस्पताल में बुखार, खांसी-जुकाम, उल्टी-दस्त के मरीज अधिक आ रहे हैं। जिला अस्पताल के डाॅक्टरों ने बताया कि गर्मी के दौरान पानी की कमी के कारण भी बीमारियां होती हैं। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पियें। सब्जियां और फल-फ्रुट को अच्छे से धोने के बाद ही खाएं। धूप तेज होने पर बाहर निकलने से बचना चाहिए। बासी खाना खाने से बचें।

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