अब न्याय की आस:किशाेरी से दुष्कर्म व हत्या के मामले में 100 पेज के दस्तावेज लगाकर कोर्ट में चालान पेश, सुनवाई 21 काे

बूंदी10 दिन पहले
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बूंदी. कोर्ट परिसर में चालान पेश के दौरान डीएसपी मौजूद रहे। - Dainik Bhaskar
बूंदी. कोर्ट परिसर में चालान पेश के दौरान डीएसपी मौजूद रहे।
  • 23 दिसंबर की वारदात; नाबालिग की सुनवाई बाल न्यायालय में होगी

जंगली एरिया में किशाेरी से दुष्कर्म और फिर हत्या करने के आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने गुरुवार शाम पोक्सो काेर्ट (क्रम संख्या 2) में चालान पेश कर दिया। पुलिस ने चालान में 100 से अधिक पेज के दस्तावेज लगाए हैं, जिनमें एफआईआर, बयान, मौका रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट को संलग्न किया गया है। आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने के लिए पुलिस ने इस प्रकरण को केस ऑफिसर में लिया है। पुलिस टीमाें ने रातभर जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाकर 12 घंटे में इस घटना का खुलासा कर दिया था और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। साथ ही एक नाबालिग को निरूद्ध किया।

जांच अधिकारी हिंडौली डीएसपी सज्जनसिंह और केस ऑफिसर स्थानीय डीएसपी हेमंत कुमार ने बताया कि आराेपियाें के सहयाेगी नाबालिग की सुनवाई नियमानुसार बाल न्यायालय में होगी, जिसका चालान पेश कर दिया है। न्यायालय ने इसकी सुनवाई के लिए 15 जनवरी तारीख दी है। इसी तरह दो आरोपियों के खिलाफ पोक्सो काेर्ट (क्रम संख्या 2) में चालान पेश कर दिया गया है, जिसकी सुनवाई 21 जनवरी को होगी।उल्लेखनीय है कि बसोली थाना क्षेत्र के कालाकुआं के जंगल में किशाेरी की गैंगरेप कर हत्या कर दी गई थी।

दरिंदों ने मरने के बाद भी मासूम के शव के साथ रेप किया था। शहर के महिला संगठनाें ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया जताई और कहा कि पाप का घड़ा भर जाता है तो पापियों को सजा अवश्य मिलती है। चूंकि कानून के दरवाजे पर देर है, अंधेर नहीं। न्याय की देवी के समक्ष न्याय जरूर मिलेगा।^नाबालिग से दरिंदगी की इस घटना ने सबको हिलाकर रख दिया। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने लिए आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। सजा सार्वजनिक स्थल पर दी जानी चाहिए, ताकि सभी को सबक मिले। किशाेरियाें-युवतियाें को आत्मरक्षा के लिए सघन-सतत प्रशिक्षण दिलाया जाना चाहिए।-कुसुमलतासिंह, अध्यक्ष, क्षमता संगठन

समाज में ऐसे अत्याचारियों के खिलाफ संदेश जाना चाहिए कालाकुआं के जंगल में किशोरी से गैंगरेप कर नृशंस हत्या के तीनों आरोपियों को आईपीसी की धारा 302 के तहत रेयर टू रेयर केस में हत्या के जुर्म में फांसी की सजा ही होनी चाहिए। दरिंदगी की हद तो तब पार हो गई, जब आरोपियों ने हत्या के बाद भी किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। ऐसे जघन्य अपराधियों को आईपीसी की धाराओं के तहत कड़ी सजा ही मिलनी चाहिए, तब ही समाज में ऐसे अत्याचारों के खिलाफ संदेश जाएगा और हमारी बेटियों को सुरक्षित रह पाएगी। मुस्कान वेलफेयर सोसायटी पीड़ित किशोरी के परिवार के साथ है। उन्हें उचित न्याय मिले, यही कामना करती है। ईश्वर दिल दहला देने वाले ऐसे दरिंदों को कठोर से कठोर सजा दिलवाए, क्योंकि ऐसे हत्यारों के लिए हमारे समाज में कोई जगह नहीं है। -डॉ. नीतू नुवाल, अध्यक्ष, मुस्कान वेलफेयर सोसायटी

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