पान वालों की पीड़ा / दो महीने हो गए, एक पैसा नहीं कमाया, कैसे घर चलाएं, किश्तें कैसे चुकाएं

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  • पान वालों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 07:18 AM IST

बूंदी. नाई की दुकान से कोरोना संक्रमण फैला, ऐसी खबरें आ चुकी है, पर क्या कभी सुना है कि पान की दुकान से कोरोना फैला?  नाई की दुकान से लेकर शराब की दुकानें तक खोल दी गई। सरकार या तो पान की गुमटी खोलने की इजाजत दे, नहीं तो हमें कोई रोजगार दे या आर्थिक सहायता दे। अमित नामा, मोहनलाल, नैनूराम, सुरेंद्र पानवाला, नारायणलाल, राजेंद्रकुमार मोदी, अशोककुमार, शुभम शर्मा, ओमप्रकाशसिंह भाटी, सीताराम नरेंद्रसिंह, पदमकुमार जैन, श्यामसुंदर सैनी सहित 500 से ज्यादा पान विक्रेता ठाले बैठे हैं। 
रघुवीर भवन के पास पान की गुमटी लगाने वाले ओमप्रकाशसिंह भाटी की पीड़ा सुनिए...न कोई और रोजगार है, न प्रोपर्टी। सुबह 6 से रात 10 बजे तक मेहनत करने पर 500 रुपए कमा लेता था, दो महीने हो गए घर बैठे। परिवार में 7 लोग हैं। राशन किट मांगकर इतने दिन जैसे-तैसे काम चलाया, पर अब तो धंधा करना ही पड़ेगा। प्राइवेट फाइनेंस कंपनियों सहित तीन-चार जगह से करीब 2 लाख का कर्ज लिया हुआ है। इन कंपनियों के लोग किश्तें जमा कराने के लिए परेशान करने लगे हैं। कहां से चुकाऊं? हर पान वाले की मेरी जैसी ही कहानी है। सदर बाजार में गुमटी लगाने वाले शुभम शर्मा की सुनिए...दो भाई, मां-पिता की जिम्मेदारी मुझ पर है। पहले कुछ मैं कमा लेता था, पिताजी कल्याणरायजी मंदिर के पुजारी हैं, कुछ मंदिर से मिल जाता था। अब मंदिर और पान की गुमटी बंद है। दो महीने से राशन के किट से काम चला रहे हैं।  अचानक लॉकडाउन हो जाने से पान के पत्ते भी खराब हो गए।

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