अनुमोदन:कुंवर वंशवर्धन सिंह ही बूंदी की पाग के असली हकदार : भंवर जितेंद्रसिंह

बूंदीएक महीने पहले
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  • कोटा के पूर्व महाराव बृजराजसिंह के सुझाव का किया अनुमोदन

पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्रसिंह ने बूंदी की पाग का असली हकदार कुंवर वंशवर्धनसिंह को मानते हुए पाग का दस्तूर अपनी उपस्थिति में करने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि बूंदी के पूर्व महाराव राजा रणजीतसिंहजी का निधन 7 जनवरी 2010 को हो गया था। वे नि:संतान थे और सदियों से चली आ रही बूंदी राजघराने की परंपरा को निरंतर चलाने के लिए बूंदी राजघराने का भाणेज होने के नाते मेरा कर्तव्य एवं दायित्व भी है कि बूंदी राजपरिवार की सदियों पुरानी रीति-रिवाज की परंपरा का निर्वाहन करूं।

इसके लिए पूर्व महाराव राजा ईश्वरीसिंह द्वारा शुरू की गई परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पूर्व महाराव राजा बहादुरसिंह के छोटे भाई पूर्व महाराज केसरीसिंह कापरेन के पौत्र कुंवर वंशवर्धनसिंह को बूंदी की पाग का असली हकदार मानते हुए कोटा के पूर्व महाराव बृजराजसिंह के सुझाव का अनुमोदन करता हूं।उन्होंने कहा कि पाग का दस्तूर एक पारिवारिक रीति-रिवाज होता है। हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार किसी भी परिवार की पगड़ी उसी परिवार के व्यक्ति को बांधी जाती है। इस अनुसार किसी परिवार से बाहर के व्यक्ति को पगड़ी नहीं बांधी जा सकती है। इसलिए कुंवर वंशवर्धन सिंह कापरेन ही पाग के लिए एकमात्र उपयुक्त व्यक्ति हैं।

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