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  • Lease Became A Hurdle In The Leases Of The Houses Of The Poor, Settlements Have Been Settled On This Land For 80 Years, They Are Not Able To Take Benefits Of Government Schemes.

700 से ज्यादा परिवारों को नहीं मिल रहे पट्टे:गरीबों के मकानों के पट्टों मे लीज बनी रोड़ा, 80 सालों से इस जमीन पर बसी है बस्तियां, सरकारी योजनाओं का नहीं ले पा रहे लाभ

बूंदी12 दिन पहले
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लाखेरी नगरपालिका। - Dainik Bhaskar
लाखेरी नगरपालिका।

बूंदी जिले के लाखेरी कस्बे मे 700 से ज्यादा परिवारों को 80 सालों से काबिज अपने ही मकानों के पट्टे नहीं मिल पा रहे है। पट्टे नहीं होने के कारण इन लोगों को सरकार की कई योजनाओं से वंचित होना पड़ रहा है। यह समस्या है लाखेरी के 10 वार्डों की, जहां एसीसी सीमेंट फैक्ट्री की लीज लोगों के पट्टों की राह मे रोड़ा बनी बैठी है जबकि इस लीज जमीन पर लंबे सालों से आधा कस्बा बसा हुआ है।

लाखेरी पालिका क्षेत्र में 10 वार्डों की 21 हेक्टेयर जमीन पर बसी बस्ती का टाइटल एसीसी की लीज में बोल रहा है। इसके चलते लोगों को पट्टे नहीं मिल पा रहे हैं। दरअसल 100 साल पहले लाखेरी मे विश्व प्रसिद्ध सीमेंट फैक्ट्री की स्थापना हुई थी। उस समय एसीसी फैक्ट्री ने नयापुरा गरमपुरा क्षेत्र मे आवासीय उद्देश्य को लेकर जमीन लीज पर ली थी। जिसका अधिकांश भाग अब आबादी में आ चुका है, लेकिन 5 खसरे ऐसे हैं, जिनका टाइटल लीज के अधीन आ रहा है। इसके चलते लोगों को समस्या आ रही है।

बाजार, सरकारी दुकानों का निर्माण व पट्टे जारी
लाखेरी मे लीज की समस्या से जुड़ा एक पहलू यह भी है कि मौजूदा समय मे जहां लीज की जमीन पर पट्टे नहीं बन रहे हैं। वहीं इसी लीज जमीन पर बसे लोगों के लिए नगरपालिका पहले पट्टे जारी कर चुकी है। यही नहीं चुंगी नाका से लेकर ट्रांसपोर्ट नगर तक पालिका व समाज कल्याण विभाग ने दुकानें बनाकर 1983 में ही आवंटित कर दी थी। वहीं लीज जमीन पर बाजार, मुख्य सड़क से लेकर सरकारी भवन स्थित है। इन सब पर विवाद नहीं हो रहा है, जबकि गरीबों के पट्टों को लेकर पालिका आनाकानी कर रही है।

47 साल पहले था गरमपुरा पंचायत का हिस्सा
वर्तमान में जिस जमीन को लीज में बताकर पट्टों से पल्ला झाड़ा जा रहा है। वो एरिया 47 साल पहले गरमपुरा पंचायत का हिस्सा था। उस समय भी पंचायत ने काफी लोगों को पट्टे जारी किए थे। बाद में पंचायत का विलय लाखेरी पालिका में हो गया था।

लाखेरी में लीज की समस्या के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा रखा है, जो इसके बारे में निर्णय करेंगे। वैसे लीज टाइटल हटता है, तो 10 वार्डों के लोगों को अच्छा लाभ मिलेगा।
-मुकेश नागर, ईओ, नगर पालिका

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