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लाखेरी का मामला:एसीसी में काम कम, 237 ठेका श्रमिकों ने वीआरएस का दिया आवेदन

बूंदी15 दिन पहले
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पर्याप्त काम नहीं मिलने से परेशान रहने वाले ठेका श्रमिकों को एसीसी वीआरएस देने की तैयारी में है। अब तक 237 ठेका श्रमिकों ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है। एसीसी में कार्यरत ठेका श्रमिक लंबे समय से आंदोलनरत रहे हैं। श्रमिकों की मांग रही है कि फैक्ट्री प्रबंधन महीने में पर्याप्त दिनों तक काम नहीं दे सकता तो उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दे दे। इस मांग को मजदूर संगठन उठाते रहे हैं।

फैक्ट्री प्रबंधन ने ठेका श्रमिकों के लिए वीआरएस का प्लान तैयार किया है। अब तक 237 ठेका श्रमिकों ने आवेदन किया है। फैक्ट्री में 500 से अधिक ठेका श्रमिक अलग-अलग कैटेगरी में काम करते हैं। फिलहाल फैक्ट्री प्रबंधन वीआरएस लेने वाले ठेका श्रमिकों को क्या लाभ मिल सकता है, यह अंतिम रूप से तय नहीं हो पाया है।

पूरा काम नहीं मिलने से परेशान ठेका श्रमिकों को वीआरएस के लिए आवेदन करने पर इसको लेकर संशय है कि उन्हें क्या-कितना परिलाभ मिलेगा। पर्याप्त समय काम मिलने पर श्रमिक ग्रेच्युटी-परिलाभ का हकदार बन जाता है। श्रमिकों अपनी मांग पर लंबे समय तक आंदोलन किए। मुकदमे तक झेले। आर्थिक तंगी के चलते कई श्रमिकों ने तो शहर से पलायन ही कर दिया।

  • ठेका श्रमिकों की मांग के चलते वीआरएस की स्कीम लागू की है। हमारा प्रयास रहेगा कि मजदूरों को अच्छा पैकेज मिले। मजदूरों को वीआरएस देने पर बाद में मलाल नहीं रहे। - कुमार आशुतोष, अध्यक्ष, कामगार संघ लाखेरी
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