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समाधान:हेरिटेज लुक में बनेगा मेडिकल कॉलेज, काम जल्द शुरू

बूंदीएक महीने पहले
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  • जिला अस्पताल में साइकिल स्टैंड के पास जगह पर बन सकती है 200 बेड के लिए बिल्डिंग

तालाबगांव में 63 बीघा 12 बिस्वा में प्रस्तावित हमारा मेडिकल कॉलेज हेरिटेज लुक में नजर आएगा। 31 जून तक टेंडर होने के बाद यूनिट्स का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। शुक्रवार को कलेक्टर आशीष गुप्ता की मौजूदगी में हुई बैठक में 325 करोड़ रुपए की प्रस्तावित लागत के मेडिकल कॉलेज के लिए बिल्डिंग बनाने का काम शुरू करने, बिजली-पानी के बंदोबस्त के साथ जिला अस्पताल में बेड की कैपेसिटी बढ़ाने पर चर्चा हुई।

बैठक में मेडिकल कॉलेज के प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार की ओर से नियुक्त नोडल डॉ. निर्मला शर्मा, पीएमओ डॉ. प्रभाकर विजय, पीएचईडी, बिजली, निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि शामिल रहे। बैठक में बताया कि जिला अस्पताल में 300 बेड हैं, जबकि मेडिकल कॉलेज के लिए कुल 460 बेड की जरूरत है। सैकंड फेज में 200 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा।

इसके लिए जिला अस्पताल कैंपस में भवन बनाने की जगह के चयन, मेडिकल कॉलेज में बोरिंग की बजाय भीलवाड़ा से हिंडाैली पेयजल प्रोजेक्ट से अगले 30 साल की जरूरत के मुताबिक पानी सप्लाई, फायर एनओसी, नक्शे पर चर्चा कर विभागों को निर्देश दिए गए।

नगर नियोजक से साइन के बाद हायर अथॉरिटी को अप्रूवल के लिए भेजने पर चर्चा की गई। मेडिकल कॉलेज का काम अगले 16 महीनों में पूरा कर सरकार को हैंडओवर करने की योजना है। जिला अस्पताल कैंपस में साइकिल स्टैंड के पास 200 बेड के भवन निर्माण के लिए जगह का चयन प्रस्ताव एक-दो रोज में भिजवाना है।

नोडल अधिकारी डॉ. निर्मला शर्मा ने सलाह दी कि बूंदी पर्यटन नगरी रही है। इस शहर की पहचान के अनुरूप मेडिकल कॉलेज भवन और 200 बेड का अस्पताल हेरिटेज लुक में ही होना चाहिए। टूरिस्ट के पाइंट ऑफ व्यू से भी यह अच्छा लगेगा। उन्होंने इसके लिए उपयुक्त सुझाव भी दिए। पीएमओ डॉ. प्रभाकर विजय ने बताया कि अभी जिला अस्पताल में साइकिल स्टैंड के पास जगह का प्रपोजल बनाकर भेजा जा रहा है, पर इस प्रस्ताव पर फाइनल मुहर जयपुर स्तर पर ही लगेगी।

2023 में पूरा हो जाएगा कॉलेज

केंद्रीय प्रवर्तित योजना (फेज-3) के तहत बूंदी में स्वीकृत मेडिकल कॉलेज का सपना वर्ष 2023 में पूरा हो जाएगा। कार्यकारी एजेंसी एचएससीसी लिमिटेड को पहले ही वर्कआॅर्डर दे दिए हैं। कॉलेज का नक्शा राज्य सड़क विकास निगम ने बनाया है।

जिले को यह होगा फायदा

बूंदी में मेडिकल कॉलेज शुरू होने से स्थानीय स्तर पर उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। गंभीर रोगियों को कोटा या जयपुर रैफर करना बंद हाेगा। विशेषज्ञ डाॅक्टराें की कमी भी दूर हो जाएगी। बाहर रैफर होने से मरीजों को मुक्ति मिलेगी।

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