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विश्व तंबाकू निषेध दिवस आज:कम करता है इम्युनिटी, फेफड़ों को भी कमजोर करता है, बूंदी में रोज 4-5 मरीज कैंसर के डिटेक्ट

बूंदी22 दिन पहले
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सोमवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस है। इस बार इस दिवस की थीम है ‘मैं तंबाकू को छोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हूं।’ यह अभियान लोगों को स्वस्थ जीवन के लिए तंबाकू छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसका उद्देश्य तंबाकू या उसके उत्पाद पर रोक लगाने या तम्बाकू के इस्तेमाल को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करना है, ताकि लोगों को स्वास्थ्य ठीक रहे।

कोटा के एमबीएस मेडिकल कालेज में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. हर्ष गोयल बताते हैं कि अकेले उनके पास बूंदी से रोज औसतन तंबाकू जनित कैंसर के 4 से 5 रोगी आते हैं, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। ज्यादातर अंतिम स्टेज में होते हैं, जिनका बच पाना बड़ा मुश्किल होता है।

इनमें 35 से 60 की उम्र के ज्यादातर रोगी जीभ, मुंह के कैंसर के होते हैं। वहीं 40 से 70 की उम्र के ज्यादातर रोगी फेफड़ों के कैंसर के होते हैं। बूंदी में तंबाकू बीड़ी और जर्दा खाने वाली महिलाओं की तादाद भी काफी ज्यादा है, जिनमें मजदूर वर्ग ही नहीं, शहरी महिलाएं भी शामिल हैं।

डॉ. हर्ष गोयल ने डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पूरे विश्व मे 60% से ज्यादा लोग तंबाकू छोड़ना तो चाहते हैं, लेकिन उचित सलाह के अभाव में वे तम्बाकू की लत छोड़ नहीं पाते। पूरे विश्व में एक अरब से ज्यादा लोग तंबाकू का सेवन करते हैं।

जिसमें से करीब 80 लाख लोगों की तंबाकू की वजह से मौत हो जाती है। वहीं भारत में 26 करोड़ से ज्यादा लोग तंबाकू का सेवन करते हैं, जिसमें से हर साल करीब 10 लाख लोगों की तंबाकू सेवन से मौत हो जाती है।

तंबाकू से होने वाली बीमारियां

डाॅ. हर्ष गोयल ने बताया कि बहुत सारी बीमारी तंबाकू खाने की वजह से होती है, जिसमें कैंसर, हृदय संबंधी, श्वसन संबंधी बीमारियां, , गर्भवती महिलाओं में गर्भपात का हो जाना शामिल हैं।

तंबाकू की लत को कैसे छोड़ें?

सबसे पहले मन में शक्ति, इच्छा शक्ति और आत्मविश्वास का होना बहुत ज्यादा जरूरी है कि मुझे तंबाकू छोड़ना ही है। सबसे पहले डी से है डिले यानी तंबाकू की इच्छा होने पर कम से कम 10 मिनट उसे खाने से रुकना चाहिए और धीरे-धीरे इस वक्त को बढ़ाते जाएं।

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