प्रकाश की एवज में रीट परीक्षा देने वाला पकड़ा गया:अभ्यर्थी प्रकाश की तलाश जालौर में, बूंदी बस स्टैंड पर पकड़ा गया

बूंदी2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • प्रकाश की एवज में रीट परीक्षा देने आया श्रवण चल रहा है रिमांड पर

कोतवाली पुलिस ने बूंदी बस स्टैंड से जालौर निवासी प्रकाश विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया। प्रकाश की एवज में रीट परीक्षा देने आया श्रवणकुमार विश्नोई पहले ही कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में है।26 सितंबर को पीजी कॉलेज में दूसरी पारी में रीट परीक्षा देने के दौरान फर्जी तरीके से परीक्षा दे रहे थर्डग्रेड शिक्षक श्रवणकुमार को कॉलेज व पुलिस प्रशासन की सतर्कता से पकड़ लिया था। इसके बाद से ही पुलिस प्रकाश की तलाश कर रही थी। उसकी तलाश में कोतवाली पुलिस की एक टीम 2 दिन से जालौर में थी। वहां सूचना लगी कि वह वकीलों से मिलने बूंदी गया है। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने जाल बिछाया, जिसमें बूंदी आते ही प्रकाश पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

लोकेशन ट्रेस नहीं हाे, जालौर में छोड़ आया था मोबाइल फर्जी तरीके से परीक्षा देने आए श्रवणकुमार ने अपने हिसाब से बचाव के लिए पूरा बंदोबस्त किया हुआ था। पुलिस उसे ट्रेस नहीं कर पाए, इसके लिए वो अपना मोबाइल अपने घर पर ही रख आया था, लेकिन पुलिस को फर्जी तरीके से परीक्षा देने वालों का इनपुट पहले से ही मिल चुका था। ऐसे में पुलिस तलाश में जुटी हुई थी और श्रवणकुमार पकड़ा गया। पूछताछ में सामने आया कि मांगीलाल किसान है। बीएसटीसी परीक्षा तो प्रकाश ने पास कर ली, लेकिन रीट परीक्षा क्लीयर करने का उसका भरोसा नहीं था। उसे श्रवण पर पूरा भरोसा था कि वो परीक्षा पास कर लेगा। प्रकाश ने पिता से बात की तो मांगीलाल ने भी श्रवणकुमार से बात कर उसे प्रकाश की एवज में परीक्षा देने के लिए तैयार किया। इसके लिए 8 लाख रुपए देने का लालच दिया गया।

प्रकाश व श्रवणकुमार विश्नोई रिश्तेदार और अच्छे दोस्त

सांचाैर उपखंड के पमाणा निवासी श्रवणकुमार विश्नोई व प्रकाश अरनाय गांव का निवासी है। दोनों गांव की दूरी 12 किमी है। दोनों रिश्तेदार होने के अलावा अच्छे मित्र भी है। दोनों को क्रिकेट का शौक है। खेड़ा गांव में पहली बार मुलाकात हुई और घर पर आना जाना शुरू हो गया। वर्ष 2019 में श्रवणकुमार की थर्डग्रेड शिक्षक की नौकरी लगी थी। प्रकाश ने वर्ष 2019 में ही बीएसटीसी की थी। बीएसटीसी करने के बाद यह प्रकाश की पहली ही परीक्षा थी।

खबरें और भी हैं...