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यह भी आपदा:बूंदी शहर के 500 से ज्यादा परिवारों के घरों में 8 दिन से दूषित पानी की सप्लाई

बूंदी2 महीने पहले
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  • रजतगृह काॅलाेनी में पानी के साथ मरे पक्षियों के अवशेष और कीड़े आ रहे

रजतगृह कॉलोनीवासियों में पानी सप्लाई में मरे हुए पक्षियों के अवशेष,पंख, कीड़े निकल रहे हैं। कई घरों की नलों की पाइपलाइन भी चाॅक हो गई है। पानी में दुर्गंध बर्दाश्त नहीं होती। नलों में जो थोड़ा-बहुत पानी आ रहा है, उसे भी बाहर नालियों में फेंकना पड़ रहा है। कॉलोनीवासी इस समस्या को लेकर वाटरवर्क्स और नगर परिषद के अधिकारियों को शिकायतें कर चुके। उन्हें कई बार बता चुके हैं, लेकिन किसी भी अधिकारी कर्मचारी ने नहीं देखा।

रजतगृह गेट नंबर एक से गेट नंबर 6 तक अमृत पेयजल लाइन से घरों में सप्लाई हो रही हैं, उन अधिकांश घरों में गंदा-बदबूदार पानी आता है। कॉलोनी में 500 से ज्यादा परिवार हैं। सबसे ज्यादा समस्या गेट नंबर एक इलाके के घरों में आ रही है।

क्षेत्रवासियाें ने बताया कि पिछले 8 दिनों से 5-10 मिनट पानी आ रहा है, वह भी बदबूदार। घरों में नल फिटिंग में भी गंदगी जमा हो गई है। शुक्रवार को चार-पांच परिवारों ने मिस्त्री को बुलाकर अपनी लाइनें चेक करवाई तो उनमें मरे पक्षियों के पंख, उनके अवशेष और गंदगी भरी हुई थी।

यह देख मोहल्लेवासी हैरान रह गए। उनका कहना था कि जलदाय विभाग मरे पक्षियों और कीड़े-मकोड़ों का दूषित पानी पिला रहा है। अभी वैसे ही कोरोना महामारी का कहर चल रहा है। अब पीने के पानी से भी बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है। अधिकतर लोग बाहर से पानी के कैंपर मंगवा रहे हैं। नहाने-धोने के लिए 300 से 400 रुपए में पानी के टैंकर डलवा रहे हैं।

रजतगृह गेट नंबर 3 की टंकी की सफाई नहीं
रजतगृह गेट नंबर 3 स्थित टंकी से ही पूरी कॉलोनी में पानी की सप्लाई होती है। टंकी सफाई की तारीख भी 24 अक्टूबर 020 लिखी हुई है। पड़ाेसियाें का कहना था कि तीन-चार महीने से तो इस टंकी की कोई सफाई नहीं हुई। यहां कोई कर्मचारी सफाई करते हुए नजर नहीं आए।

टंकियों की सफाई में भी जलदाय विभाग लीपापोती कर रहा है। विभागीय अधिकारी अमृत पेयजल योजना के तहत चंबल का शुद्ध पानी पिलाने का दावा करते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर ऊंचे जलाशयों की सफाई नहीं होने से ही ऐसी समस्या खड़ी हो रही है।

क्षेत्रवासियाें की पीड़ा-काेई अधिकारी नहीं सुनता
रजतगृह कॉलोनी गेट नंबर 1 निवासी कैलाश शर्मा ने बताया कि 24 घंटे में 5 से 10 मिनट पानी आ रहा है। वह भी दुर्गंधयुक्त। जलदाय अधिकारियों काे बताया, लेकिन समाधान नहीं हो रहा। जलदाय विभाग को लाइनों व टंकियों की सफाई करवानी चाहिए।
रजतगृह कॉलोनी निवासी मुक्तिदत्त शर्मा ने बताया कि जब से अमृत पेयजल योजना के तहत सप्लाई शुरू हुई है, नल आने का समय तय नहीं है। काफी देर तक मोटर चलानी पड़ती है, तब कहीं 10-15 मिनट पानी आता है। 8- 10 दिन से तो बदबू व गंदा पानी आ रहा है। आज घर की लाइन चेक कराई तो उसमें मरे कबूतर के पंख, अवशेष, गंदगीभरी मिली। जलदाय अधिकारियों को बताया तो उन्होंने जिस टंकी से पानी की सप्लाई होती है, उसे साफ कराने का आश्वासन दिया है।
क्षेत्रवासी कमल मेवाड़ा ने बताया कि रजतगृह कॉलोनी शहर की सबसे बड़ी व पाॅश कॉलोनी है। अधिकांश बाशिंदे सरकारी जॉब में हैं। ऐसे में बार-बार जलदाय विभाग के चक्कर नहीं लगा सकते। न विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं। कई बार फोन पर अधिकारियों को कहा, लेकिन समाधान नहीं हुआ। पूरा पानी फेंकना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासी निगम गौतम ने बताया कि कई दिनों से पानी में गंदगी आ रही है। कबूतरों के पंख भी निकल रहे हैं। यह समस्या पूरी कॉलोनी में है।
मंजू मेवाड़ा दुर्गा ने बताया कि नलों में गंदगी व पक्षियों के अवशेष निकल रहे हैं। इससे घरों की लाइनें चाॅक हो गई हैं। अब लाइनें खुद को ही ठीक करानी पड़ रही है। इससे भी कोई फर्क नहीं पड़ रहा। जब तक पूरी लाइन की सफाई नहीं हो जाती। अधिकतर घरों में नलों से सीधे टंकियों से ही पानी जाता है। ऐसे में हर रोज नल ठीक करने वाले को पैसे देने पड़ रहे हैं। पीने के पानी के लिए कैंपर मंगवाने पड़ रहे हैं।

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