बूंदी के लिए सुखद खबर / रामगढ़ सेंचुरी में खुद पहुंचा टाइगर, मेज नदी के बीहड़ों में ही 6 महीने से टेरिटरी बनाकर घूम रहा है टी-110

Tiger arrived in Ramgarh century itself, Triti has been roaming in the ravines of Mage river for 6 months
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Tiger arrived in Ramgarh century itself, Triti has been roaming in the ravines of Mage river for 6 months

  • वाइल्ड लाइफ डीएफओ पहुंचे टाइगर रिजर्व में, बाघ की पहचान के लिए लगाए गए फोटो ट्रेप कैमरे

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 07:43 AM IST

बूंदी. राजस्थान के प्रस्तावित चौथे टाइगर रिजर्व रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभयारण्य में रविवार रात टाइगर खुद चलकर पहुंच गया। इस पर वन अधिकारी-कर्मचारी सतर्क हो गए। बाघ की निगरानी शुरू कर दी गई। सोमवार सुबह टाइगर के पगमार्क दिखने के बाद वाइल्ड लाइफ डीएफओ बीजू जॉय ने अभयारण्य का जायजा लिया। 
हालांकि टाइगर की पहचान अभी नहीं हुई है। पहचान के लिए सेंचुरी में जगह-जगह फोटो ट्रेप कैमरे लगाए गए हैं। गौरतलब है कि बूंदी के रामगढ़ विषधारी सहित अन्य आरक्षित वन क्षेत्र को टाइगर रिजर्व बनाने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में टाइगर के खुद प्रस्तावित टाइगर रिजर्व में आना एक सुखद खबर है। विदित रहे, रणथंभौर टाइगर रिजर्व से निकले दो टाइगर का मूवमेंट लंबे समय से जिले में बना हुआ है। फोटो ट्रैप कैमरों की मदद से इनकी पहचान पहले की जा चुकी है। 
टी-110 पिछले 6 माह से खरायता के जंगल में मेज नदी के बीहड़ों को अपनी टेरेटरी बनाकर घूम रहा है। जिस जगह उसका मूवमेंट आ रहा था, वो जगह रामगढ़ सेंचुरी से महज 20 किमी दूर है। इसी तरह टी-115 का मूवमेंट कुंवारजी के जंगल में बना हुआ है। उम्मीद की जा रही है कि इन दोनों में से कोई एक टाइगर हो सकता है। इसके अलावा संभव है कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व से और भी टाइगर बाहर निकले हाे, ऐसे में यह कोई तीसरा टाइगर हो।

दो साल बाद सेंचुरी में लौटा टाइगर
रामगढ़ सेंचुरी में दो साल बाद कोई टाइगर लौटा है। इससे पहले रणथंभौर टाइगर रिजर्व से निकला टी-91 लंबे समय तक सेंचुरी में रहा था। दो साल पहले उसे यहां से मुकंदरा टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया गया। इससे पहले टी-62 टाइगर यहां था। उसका तो नामकरण ही यहीं हुआ। वो बाद में रणथंभाैर टाइगर रिजर्व में चला गया।

^ टाइगर का रामगढ़ सेंचुरी में आने से वन्यजीव प्रेमियों में खुशी है। टाइग्रेस लाने के लिए चीफ लाइफ वार्डन अरिहंम तोमर, हैड ऑफ द फोर्रेस्ट जीवी रेड्‌डी से बात की गई है।
विठ्ठल सनाढ्य, पूर्व मानद वन्यजीव प्रतिपालक 

^रामगढ़ में फिर टाइगर स्वतः आया है, जो बूंदी के साथ पूरे हाड़ौती व राजस्थान के लिए अच्छी खबर है। अभी तक  स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह कौन-सा टाइगर है। अभयारण्य में फोटोट्रेप कैमरे से जल्दी पता चल पाएगा कि टाइगर कौन-सा है।
पृथ्वीसिंह राजावत, पूर्व मानद वन्यजीव प्रतिपालक  

^सोमवार अलसुबह रामगढ़ में टाइगर के पगमार्क दिखाई दिए। इसकी सूचना वाइल्ड लाइफ डीएफओ को दी गई। उन्होंने सेंचुरी का जायजा लेकर आवश्यक निर्देश दिए हैं। फिलहाल टाइगर की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। यहां का वातावरण टाइगर के लिए पूरी तरह से अनुकूल है। 
धर्जराज गुर्जर, रेंजर, जैतपुर  नाका रामगढ़ सेंचुरी

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