पेयजल संकट / त्राहि-त्राहि...शहर में 48 से 72 घंटे में मिल रहा पानी, नहीं सुन रहे इंजीनियर

Trahi-Trahi ... Water is getting in the city in 48 to 72 hours, engineers are not listening
X
Trahi-Trahi ... Water is getting in the city in 48 to 72 hours, engineers are not listening

  • नैनवां रोड क्षेत्र की कॉलोनियों के लोग कलेक्टर से मिले

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 07:06 AM IST

बूंदी. गर्मी के साथ ही शहर में पानी सप्लाई के हालात बिगड़ रहे हैं। हालत यह है कि लोगों ने जलदाय अधिकारियों को चूड़ियां तक भेंट कर दी। इन दिनों नगरपरिषद में ज्यादातर शहरवासी पानी संकट को लेकर ही आ रहे हैं। कई दिनों से जाम, प्रदर्शन, नारेबाजी चल रही है। 
शुक्रवार को नैनवां रोड क्षेत्र की कॉलोनियों के वरिष्ठजन प्रहलादसिंह, ओमप्रकाश बैरागी, महावीर शर्मा, लीलाधर शर्मा, जगदीशसिंह हाड़ा, अजीत शर्मा, धनराज बैरागी पानी की समस्या को लेकर कलेक्टर से मिले। उनका कहना था कि जलसंकट पर पीएचईडी के इंजीनियर सुन ही नहीं रहे। गर्मी में पानी की जरूरत बढ़ जाती है। पानी का टैंकर 500 से 700 रुपए में आता है, रोज-रोज कितना पानी डलवाएं। रजतगृह कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, सुभाष नगर, राजपूत गली, जनता कॉलोनी, पुराना माटूंदा रोड सरीखी कॉलोनियों में 48 से 72 घंटे में पानी आ रहा है। समय भी तय नहीं है। मजबूरी में घरों में 3-4 घंटे पानी खींचने के लिए मोटर चलाते हैं। वह भी हवा फेंकती है, बिजली का खर्च बढ़ जाता है। लॉकडाउन में लोग सड़कों पर नहीं उतर रहे, वर्ना पूरे शहर में आंदोलन खड़े हो जाए। इंजीनियराें को फोन पर समस्या बताते हैं, उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया। कलेक्टर ने जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया। 
अधिकारियों को कुर्सी पर नहीं बैठने देंगे
 नैनवां रोड इलाके में जलसंकट को लेकर पार्षद संजय पांडे, पार्षद पति अनिल चतुर्वेदी के नेतृत्व में क्षेत्रवासी पीएचईडी एक्सईएन ललित शर्मा से मिले। चेतावनी दी कि अगर व्यवस्था नहीं सुधरी तो अधिकारियों को कुर्सी पर नहीं बैठने दिया जाएगा। लोग पानी के लिए तरस गए हैं। लोगाें काे अधिकारी सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर रहे हैं। जलदाय अधिकारी नगर परिषद पर जिम्मेदारी डाल देते हैं और नगर परिषद अधिकारी जलदाय प्रशासन पर। इधर, एक्सईएन ने भरोसा दिलाया कि एक-दो दिन में नैनवां रोड इलाके में पानी सप्लाई में सुधार हो जाएगा।
महिलाएं बोलीं : कहां से लाएं पानी
जवाहर कॉलोनी की तनुजा, पार्वतीबाई, सीमा राठौर, राममूर्तिबाई, चेतन सेन का कहना था कि 72 घंटे में भी पानी की सप्लाई नहीं हुई। आसपास बोरिंग है न हैंडपंप। पीने के लिए पानी लाएं तो कहां से लाएं? नैनवां रोड क्षेत्र में पहले जलदाय विभाग के बोरिंग से पीने के पानी सप्लाई हो जाती थी, तब इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता था। अब अधिकतर बोरिंग खराब पड़े हैं।  
देई में 72 घंटे में हो रही पानी की सप्लाई
देई. बिजली कटौती के कारण कस्बे में जलदाय विभाग की जलापूर्ति व्यवस्था बिगड़ गई है। वर्तमान में 48 घंटे में होने वाली जलापूर्ति व्यवस्था 72 घंटे में होने लगी है। विभाग का कहना है कि बुधवार को दिन में छह घंटे विद्युत कटौती से व्यवस्था बिगड़ गई है। राजेंद्र गौड ने बताया कि पाईबालापुरा बांध में भरपूर पानी है, भू-जलस्तर अच्छा होने के बाद भी विभाग नियमित रूप से पानी की सप्लाई नहीं कर पा रहा है। बंसोली रोड पर जलदाय विभाग के ट्यूबवेल लंबे समय से बंद पड़ा है, जिसका विद्युत ट्रांसफार्मर खराब था, उसे सही करने के बाद भी ट्यूबवेल शुरू नहीं किया है।
रायथल में 3 किमी दूर जुटाना पड़ रहा पेयजल
खटकड़. रायथल गांव में जलापूर्ति प्रभावित होने से  ग्रामीणों को तीन किमी दूर से पानी लाना पड़ रहा है। सरपंच शिमला मीणा ने बताया कि तीन हजार की आबादी वाले गांव में तीन माह से जलापूर्ति ठप पड़ी हुई है। उधर, जलदाय विभाग जेईएन नवीन नागर ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से पूर्व में ही नए ट्यूबवैल व पाइप लाइन बिछाने के लिए 91 लाख रुपए की स्वीकृति हो चुकी है। रायथल से 6 किमी दूर पीपल्या के माल में दो नए ट्यूबवैल खुदवा दिए हैं। पाइप लाइन बिछाने का कार्य शीघ्र ही शुरू करवा देंगे। साथ ही पुराने एक ट्यूबवैल में पाइप लीकेज की शिकायत मिली है। 

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना