पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

पीड़ा:जिसका बचपन नदी में खेलते-कूदते गुजरा, जवानी में उसी ने लील लिया

बूंदी15 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
दो मासूम के सिर से उठा पिता का साया। - Dainik Bhaskar
दो मासूम के सिर से उठा पिता का साया।
  • बचपन की अठखेलियों में मिले दर्द से बैचेन हैं मासूम बेटे अनिल व सुनील

कुदरत का खेल भी निराला है, जो दर्द आज से तीस साल पहले पिता ने झेला, उसकी पुनरावृत्ति उसकी संतान को झेलनी पड़ रही है। पापड़ली गांव के रहने वाले लेखराज को जीते-जी क्या पता था कि जीवन के जो संघर्ष उसने बचपन से झेले, वैसा ही माहौल उसके मासूम बेटाें अनिल व सुनील को देखने को मिलेगा।

दरअसल, मेज नदी में डूबने से लेखराज की मौत हाे गई। मालियों की बाड़ी व पापड़ली गांव के बीच मेज नदी में डूबे लेखराज का शव हादसे के 40 घंटे बाद दो किमी दूर मिला। पुलिस व एसडीआरएफ की टीम नाव के सहारे मशीन लेकर तलाशी के लिए रवाना हुई। टीम ने ढाई किमी की दूरी तय की थी कि नदी में फैली खरपतवार में कुछ दिखाई दिया।

सर्च अभियान में मिले शव की पहचान लेखराज के रूप में हुई। हालांकि ग्रामीणों को नदी पार करते समय लेखराज के डूबने पर यकीन नहीं हाे रहा। ग्रामीण बताते हैं कि जिस शख्स का बचपन नदी में खेलते-कूदते गुजरा और नदी के चप्पे-चप्पे से जाे वाकिफ हो, उसे भले कैसे नदी अपने आगोश में ले सकती है। प्रकृति का खेल निराला है। होनी-अनहोनी में बदल गई। लेखराज मेज नदी की भूल-भुलैया में खो गया। इससे दर्दनाक बात यह रही है कि जो पीड़ा लेखराज ने बचपन में झेली, अब उसकी मौत के बाद उसके बच्चे झेलेंगे।

दिवंगत लेखराज के सिर से बचपन में ही माता-पिता का साया उठ गया। पहले मां मिट्टी में दबने से मौत का शिकार हुई, बाद में पिता बीमारी में चल बसे। काका मदनलाल सैनी ने भाई की निशानी समझ उसे पाला। जवान हाेने पर ग्रामीणाें ने सहयोग कर उसका विवाह करवाया। बड़ी मुश्किल से लेखराज के जीवन में खुशियां लौटी थी कि यह हादसा हो गया। उसके दो मासूम बेटे अभी दीन दुनिया से बेखबर हैं। हालात देखकर अचंभित हैं। हर कोई उन्हें दिलासा दे रहा है कि घबराना मत। अब नियति ही तय करेगी कि बच्चे इस दुख को कितना सहन कर पाते हैं।

  • नदी में लेखराज के डूबने और उसकी पारिवारिक स्थिति की जानकारी मिलने के बाद मेरा प्रयास रहेगा कि पीड़ित परिवार को पूरा संबल मिले। - चंद्रकांता मेघवाल, विधायक
  • मेज नदी में डूबने से मौत का शिकार हुए युवक की पारिवारिक स्थिति का प्रथम दृष्टया पता चला। सरकार व प्रशासन के स्तर पर हरसंभव मदद के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। - प्रमोदकुमार, एसडीएम
खबरें और भी हैं...