परेशानी / 800 श्रमिकों के पास जाॅब कार्ड, लेकिन अब तक सिर्फ 105 को ही मिला रोजगार

800 workers have job cards, but so far only 105 have got jobs
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800 workers have job cards, but so far only 105 have got jobs

  • चेचट पंचायत के श्रमिक मायूस, रोजी-रोटी का संकट पैदा हुआ

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:36 AM IST

चेचट. चेचट| कस्बे में लॉकडाउन के चलते मनरेगा श्रमिकों को राहत नहीं मिल पा रही है। कस्बे में नरेगा जॉब कार्ड के माध्यम से लगभग 800 श्रमिक हैं। जो केवल मनरेगा योजना के तहत मजदूरी करते हैं। इन आंकड़ों के माध्यम से अभी भी लॉकडाउन के चलते कई गरीबो के घर खर्च चलाने मे समस्या है। 
लॉकडाउन शुरुआत में कस्बे में महिलाएं कृषि संबधित कार्य करके घर खर्च चला रही थी । परंतु कृषि संबंधित कार्य पूर्ण होने के बाद श्रमिक काम के लिए दर-दर भटक रहे हैं। ऐसे में निजी मजदूरी के क्षेत्र कोटा स्टोन खदानें भी चालू हो गई है। मगर खदानों पर भी पूर्ण रूप से काम नही चलने के कारण क्षेत्र के मजदूर भी मजदूरी समस्याओं से जूझ रहे हैं।  ऐसे में बेरोजगार श्रमिकों के पास मनरेगा योजना के अलावा ओर कोई रास्ता नही है। एक तरफ मुख्यमंत्री मनरेगा श्रमिकों की संख्या और सुविधा बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं और एक तरफ चेचट में मात्र 100 मजदूरों के भरोसे मनरेगा का काम चल रहा है। 
सरपंच बोलीं- हम पूरा प्रयास कर रहे हैं 
ग्राम पंचायत चेचट सरपंच कृष्णा माली ने बताया कि हमने पंचायत समिति खैराबाद में सेंशन स्वीकृति के लेटर लगभग 2 सप्ताह पहले भेज दिया था। मगर अभी तक श्रमिकों की संख्या बढ़कर नहीं आई और मस्टररोल संबंधित कार्यों में भी प्रगति नही हुई। कस्बे में पिछले मस्टररोल में 160 मजदूरों की सेंशन पास हुई थी। वर्तमान में केवल 105 जिनका कार्य पूर्ण होने पर है। अभी हाल में 100 मजदूरों की सेंशन पास हुई है। इन सेंशन को देखते मजदूर आक्रोशित होकर राजीव गांधी सेवा केंद्र आते हैं। ऐसे में 800 मजदूरों में चयन करना काफी समस्याग्रस्त हो जाता है। जिन लोगों का नाम नही आता है तो उन्हें निराश होकर घर लौटना पड़ता है। सरपंच ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी 271 लोगो को योजना के तहत लाभ मिला है। जिन्हें घर-घर जाकर सूचना दी जा रही है। आवास योजना के माध्यम से भी 271 लोगों को राहत मिली है।

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