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  • Such A Situation ... Because, We Have Irrigated The Fields Even With 16 Feet Of Water Kept In The Reserve, The Question ... What Will We Do In The Hot Summer Now?

जलजला...:ऐसी हालत इसलिए...क्योंकि, रिजर्व में रखे 16 फीट पानी से भी हम खेतों की सिंचाई कर चुके, सवाल...अब तेज गर्मी में क्या करेंगे

देई6 महीने पहले
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नतीजा } पानी रीतने से गर्मियों के मौसम में देई और नैनवां कस्बों में पेयजल की किल्लत होने की अाशंका - Dainik Bhaskar
नतीजा } पानी रीतने से गर्मियों के मौसम में देई और नैनवां कस्बों में पेयजल की किल्लत होने की अाशंका
  • चिंताजनक...पाईबालापुरा बांध पर 12 महीने खेती रोक नहीं पाया जलसंसाधन विभाग, बोला-रेवेन्यू डिपार्टमेंट का है यह काम

उपखंड प्रशासन और दाे जिम्मेदार सरकारी महकमाें की अनदेखी के चलते पाईबालापुरा बांध के तट-आसपास हर सीजन की खेती हाेती रही। सिंचाई के लिए पानी खींचा जाता रहा। जलसंसाधन विभाग द्वारा प्यास बुझाने के लिए जब पानी रिजर्व रखा था, तब करीब 16 फीट था, लेकिन अब बांध में सिर्फ पेंदे के अंदर गड्ढों में पानी बचा है। इस बांध से देई व नैनवां कस्बे को जलापूर्ति होती है। पानी रीतने से गर्मियों के मौसम में दोनों कस्बों में पेयजल की किल्लत होने की आशंका है। सिंचाई के लिए पानी नहीं छोड़ने पर भी बांध का पानी सूखना जिम्मेदार इंजीनियराें की बेपरवाही काे बताता है। जलसंसाधन विभाग खेती काे नहीं राेक पाया, देखता रहा, बांध का पानी रीतता गया। बांध में पानी रीतने के बावजूद सर्दियों के मौसम की खेती के बाद अब गर्मियों में भी खेती की जा रही है। जलसंसाधन विभाग के इंजीनियराें का कहना है कि खेती को रोकना रेवेन्यू डिपाेर्टमेंट (राजस्व विभाग) का काम है।

पाइपों में से पानी लीकेज हो रहा : बांध में नलकूपों के लिए बने चबूतरे ढह गए। नलकूपों के लिए लगे बिजली के पैनल खुले हैं। पाइपों में से पानी लीकेज हो रहा है। ऐसे में पूरा पानी जलापूर्ति के लिए नहीं पहुंच रहा है। सबमर्सिबल मोटर के खराब होने की आशंका बनी रहती है।

दाे दिन में मिलता है पानी: देई कस्बे में जलदाय विभाग द्वारा 48 घंटे में एक बार पीने का पानी दिया जा रहा है। स्थानीय चार नलकूपों में नाममात्र पानी रहने से सीधी बूस्टिंग में पानी काम में लिया जा रहा है। पानी से टंकियों में भरकर सप्लाई किया जा रहा है।

बांध में इंजन सेट को उठाने की कार्रवाई जलदाय विभाग द्वारा की गई थी-मनोज नागर, जेईएन, जलदाय विभाग, देईइस बार बांध का पानी पेयजल के लिए आरक्षित रखा था। सिंचाई के लिए पानी नहीं छोड़ा गया। जलसंसाधन विभाग में स्टाफ की कमी है, खेती को रोकना रेवेन्यू विभाग का काम है। स्टाफ पूरा हो तो बांध की समय-समय पर निगरानी का काम होना आसान रहता है।-जम्बू जैन, एईएन, जलसंसाधन विभाग, देई

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