झालावाड़ के कॉलेज की उपलब्धि:बिना सूरज के प्रकाश और पानी के टिश्यू कल्चर लैब में पनपे बांस, संतरा, मौसमी व सागवान के 1 लाख पौधे

झालावाड़8 महीने पहलेलेखक: माेहसिन खान
  • कॉपी लिंक
टिश्यू कल्चर लैब ने इस तरह से एक लाख पौधे तैयार किए हैं। - Dainik Bhaskar
टिश्यू कल्चर लैब ने इस तरह से एक लाख पौधे तैयार किए हैं।

पौधों का विकास सूरज के प्रकाश और पानी के बिना नहीं हो सकता है, लेकिन उद्यानिकी एवं वानिकी कॉलेज स्थित टिश्यू कल्चर लैब ने इनके बिना भी पौधों का विकास करके बता दिया है। यह राजस्थान की एकमात्र लैब है, जहां पर पेड़-पौधे के किसी भी छोटे से छोटे हिस्से को काटकर दूसरे पौधे बनाए जाते हैं, वह भी बिना सूर्य की रोशनी और पानी के।

इसमें समय भी कम लगता है और पाैधे भी गुणवत्तापूर्ण हाेते हैं। टिश्यू कल्चर लैब ने इस तरह से एक लाख पौधे तैयार किए हैं, जो अब सरकार के माध्यम से किसानों तक जाएंगे। ‘भास्कर’ ने टिश्यू कल्चर लैब में पौधे तैयार करने की पूरी प्रक्रिया समझी।

इस लैब में पांच प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद पौधे तैयार होते हैं। अभी लैब में बांस, संतरा, मौसंबी व सागवान के पौधे तैयार किए गए हैं। आमतौर पर जिले का क्लाइमेट मौसंबी के उत्पादन के लिए नहीं है, लेकिन इस लैब में मौसंबी के गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार हो रहे हैं।

एडवांस लैब में पौधों के रोगों की हाेती है पूरी जानकारी
एडवांस लैब में पौधों की बीमारियों का भी पता किया जा सकता है। पौधों में कौनसी बीमारी है और इसके क्या कारण हैं इस बारे में भी यहां पूरी जानकारी मिल सकती है। यह किसानों के लिए बहुउपयोगी सिद्ध हो सकती है।

1 लाख पाैधे तैयार किए

  • टिश्यू कल्चर लैब में कम समय में गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार हो रहे हैं। यहां हमने एक लाख पौधे तैयार कर लिए हैं,जो किसानों तक पहुंचेंगे। वायरस फ्री पौधे यहां बन रहे हैं। -डाॅ. अशोक कुमार, लैब इंचार्ज
खबरें और भी हैं...