भास्कर ग्राउंड रिपाेर्ट:7355 करोड़ रु. की परवन वृहद सिंचाई परियोजना ढिलाई ऐसी...अब तक 30% काम भी नहीं हो पाया

झालावाड़एक महीने पहले
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परवन बांध की नहर खुदाई का काम अब भी काफी बाकी पड़ा है। - Dainik Bhaskar
परवन बांध की नहर खुदाई का काम अब भी काफी बाकी पड़ा है।
  • झालावाड़, बारां व काेटा के लिए महत्वपूर्ण है यह परियाेजना, डेढ़ महीने पहले 700 कराेड़ की गड़बड़ी सामने आने के बाद काम ठप

माेहसिन खान | झालावाड़ हाड़ाैती की सबसे महत्वाकांक्षी परवन वृहद सिंचाई परियोजना पूरी हाेने में अभी भी काफी वक्त लगना तय है। 700 कराेड़ रुपए के भ्रष्टाचार के आराेप लगने के बाद तीन बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुए डेढ़ माह से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन परवन में बांध, पाइपलाइन डालने और नहरों के कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं, जबकि बांध व टनल का काम अक्टूबर माह में ही पूरा हाे जाना था। ऐसे में विभाग इन कार्यों को तय समय पर पूरा नहीं करवा पाएगा।

स्थिति यह है कि अभी तक बांध का 30 फीसदी काम भी नहीं हो पाया है। डेढ़ माह पहले पाइप की डिजाइन बदलने के मामले में मंत्री की शिकायत पर परवन के अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी। चीफ इंजीनियर से लेकर एसई और एक्सईएन के खिलाफ भी कार्रवाई हुई। सभी बदले गए, लेकिन उसके बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाए। अभी भी परवन वृहद सिंचाई परियोजना पर सन्नाटा पसरा हुआ है। बांध का निर्माण कार्य भी बंद है।दरअसल, परवन वृहद सिंचाई परियोजना संभाग के तीन जिलों कोटा, बारां और झालावाड़ के लिए वरदान है। इस परियोजना से संभाग के इन तीन जिलों की 2 लाख हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इसी तरह 1612 गांवों को पीने का पानी मिल पाएगा, लेकिन इसमें देरी पर देरी हो रही है। 7355 करोड़ रुपए की इस परियोजना में अभी तक केवल टनल का 90 फीसदी से अधिक काम पूरा हुआ है। बाकी बांध का निर्माण बंद है।

यदि इतनी ही धीमी गति से काम चला तो दस साल में भी नहरों का काम पूरा नहीं होगा। 7355 कराेड़ रुपए की इस परियाेजना में अब तक केवल 3428.07 कराेड़ रुपए ही खर्च हो पाए हैं, जिसमें से निर्माण पर तो केवल 1024.97 करोड़ रुपए ही खर्च हुए हैं, बाकी 2403.10 करोड़ रुपए मुआवजे पर खर्च हुए हैं।अभी तक नहरों की खुदाई भी पूरी नहीं हुई: परवन में बांयी मुख्य नहर की लंबाई 51.95 किमी है, जबकि दांयी मुख्य नहर की लंबाई 89.4 किमी है।

इन दोनों नहरों में 9 हजार किमी एचडीपीई पाइपलाइन डलेगी और 61 डिग्गी, पंपिंग स्टेशन, इंटेकवेल के कार्य होंगे। अभी नहरों की खुदाई भी पूरी नहीं हो पाई है। नहर के प्रथम चरण में 374.91 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। इसका काम 28 मई 2018 को शुरू हुआ, लेकिन अभी तक प्रथम फेज की धीमी गति से इसकी अवधि भी बढ़ाकर 27 नवंबर 2022 की गई है। इसी तरह नहर के दूसरे फेज का काम 14 अक्टूबर 2018 को शुरू हुआ। इसको 13 अक्टूबर 2021 तक पूरा करना था, लेकिन अभी तक 25 फीसदी काम भी नहीं हो पाया है।

ग्राउंड पर यह है हालात... मई 17 में शुरू हुआ काम, अक्टूबर 21 तक करना था पूरा...अब तक भी पड़ा है अधूरापरवन वृहद सिंचाई परियोजना में 38 मीटर ऊंचाई का बांध बनाया जाना है। इसी के साथ ही इससे 8.7 किमी लंबी सुरंग निकलनी है, लेकिन अभी तक बांध का बेस भी पूरा नहीं हो पाया है। हालांकि 8.7 किमी लंबी सुरंग का अधिकतर निर्माण पूरा हो चुका है। बांध का निर्माण कार्य 29 मई 2017 को शुरू हुआ था। इसको 28 अक्टूबर 2021 तक पूरा किया जाना था, लेकिन अब इसकी अंतिम तारीख को बढ़ाकर 7 अप्रैल 2022 की गई है। हालांकि इस अवधि तक भी बांध का निर्माण हो पाना मुश्किल साबित हो रहा है।

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