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  • Became Naib Tehsildar By Working Hard, The Goal Was To Educate The Children In Mind, Before The Completion Of The Probationary Again Became The Third Class Teacher

भास्कर खास:कड़ी मेहनत कर नायब तहसीलदार बने, मन में बच्चों को शिक्षा देने का लक्ष्य था, परीवीक्षाकाल पूरा होने से पहले ही फिर से बन गए तृतीय श्रेणी शिक्षक

खानपुरएक महीने पहले
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मयंक जैन का कहना है कि प्रशासनिक सेवा में जाने के बाद उनका मन सरकारी स्कूलों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में ही लगा रहा। - Dainik Bhaskar
मयंक जैन का कहना है कि प्रशासनिक सेवा में जाने के बाद उनका मन सरकारी स्कूलों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में ही लगा रहा।
  • झालावाड़ के खानपुर के नायब तहसीलदार मयंक जैन ने फिर से तृतीय श्रेणी शिक्षक का पदभार संभाला

प्रशासनिक सेवा में जाने का लोगों का सपना रहता है। जब यह सपना पूरा हो जाता है, तो इससे बड़ी खुशी नहीं होती, लेकिन शुक्रवार को जिले के एक नायब तहसीलदार ने अपना पद छोड़कर फिर से तृतीय श्रेणी शिक्षक बनने की इच्छा जताई ताे शिक्षा विभाग ने उन्हें फिर से तृतीय श्रेणी शिक्षक पद पर नियुक्त कर दिया।

दरअसल, तृतीय श्रेणी शिक्षक से आरपीएससी के माध्यम से खानपुर के नायब तहसीलदार बने मयंक जैन का कहना है कि प्रशासनिक सेवा में जाने के बाद उनका मन सरकारी स्कूलों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में ही लगा रहा। 24 जनवरी 2020 से जैन खानपुर में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत थे। अभी उनका यह परिवीक्षाकाल चल रहा था।

इससे पहले ही वे इस पद से कार्यमुक्त हो गए। हालांकि अभी कुछ समय से उनके पास तहसीलदार का भी चार्ज था। पिड़ावा से उन्होंने कड़ी मेहनत कर तृतीय श्रेणी शिक्षक रहते हुए 2016 में राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा पास की।

इस परीक्षा में चयन होने के बाद 1 जुलाई 2019 को उनको दो वर्ष की परिवीक्षाकाल पर नायब तहसीलदार के पद पर अस्थाई रूप से नियुक्ति दी गई। वे 3 जुलाई 2019 से प्रशिक्षण लेने गए। उसके बाद 24 जनवरी 2020 से खानपुर में नायब तहसीलदार के पद पर पोस्टिंग हुई।

खुद ने 1 फरवरी को दिया था मूल विभाग में जाने का प्रार्थना पत्र

जैन ने खुद ही 1 फरवरी को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर फिर से तृतीय श्रेणी शिक्षक के पद पर जाने का प्रार्थना पत्र दिया था। इसके लिए उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर को पत्र लिखा। उसके बाद वहां से इन्हें तृतीय श्रेणी शिक्षक पद पर कार्यग्रहण करने की अनुमति प्रदान की गई। इस पर उन्हाेंने शुक्रवार काे डीईओ प्रारंभिक मुख्यालय पर उपस्थिति दे दी।

एक शिक्षक कई प्रशासनिक अधिकारी तैयार करने का माद्दा रखता है

मयंक जैन ने “भास्कर’ से बातचीत में कहा कि ऐसे काफी कम मामले होते हैं, जब कोई प्रशासनिक अधिकारी के पद को छोड़कर फिर से तृतीय श्रेणी शिक्षक बन जाए। हालांकि एक शिक्षक कई प्रशासनिक अधिकारी तैयार कर सकता है। यह केवल शिक्षक ही कर सकता है।

इसीलिए प्रशासनिक अधिकारी के पद पर रहते हुए हमेशा यही बात सताती रही कि सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए कुछ कर नहीं पाए। तब फिर से लक्ष्य रखा कि शिक्षक बनकर बच्चों को प्रशासनिक अधिकारी की पोस्ट तक ले जाएंगे। इसलिए फिर से तृतीय श्रेणी शिक्षक पद पर जाने की ठान ली।

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