लापरवाही की पुलिया / पिछली बारिश में टूटी, मरम्मत अब तक नहीं, इस साल भी रुकेंगे 50 से अधिक गांवों के रास्ते

Broken down in previous rains, repairs not yet done, more than 50 villages will stop this year
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Broken down in previous rains, repairs not yet done, more than 50 villages will stop this year

  • अकेले मनोहरथाना विधानसभा क्षेत्र में ऐसी 6 पुलियाएं क्षतिग्रस्त, अधिकारी अब भी रो रहे बजट का रोना
  • ग्रामीणों की चिंता बढ़ी, कई महीने बंद हो जाएगा आवागमन

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 07:58 AM IST

झालावाड़. इस साल भी कई गांवों के रास्ते रुकेंगे। इसका मुख्य कारण है कि पिछली बारिश में जो पुलियाएं टूटी थी, उनकी अब तक मरम्मत तक नहीं हो पाई है। अकेले मनोहरथाना विधानसभा क्षेत्र की ऐसी क्षतिग्रस्त छह पुलियाएं हैं, इनसे 50 से अधिक गांवों के रास्ते बरसात होते ही रुकेंगे। 
मनोहरथाना क्षेत्र के खातोखेड़ी, बांसखेड़ी मेवातियान सहित चित्तौड़ा, जूनापानी, मानपुरा, उमरिया की दो पुलियाएं और राकड़ा से एमपी बोर्डर की पुलिया पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। इस साल बरसात शुरू होने से पहले तक इनकी मरम्मत की जानी थी, लेकिन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बजट नहीं होने से सिर्फ छोटे स्तर पर ही मरम्मत हो पाई है। तेज बरसात में इन पुलियाओं से ग्रामीणों का निकलना मुश्किल हो जाएगा। 
दरअसल, पिछले साल हुई बरसात में कई छोटी-बड़ी पुलियाएं क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इसके बाद गांवों के रास्ते पूरी तरह से रुके। बड़ी मुश्किल से नदियों का पानी कम होने से लोगों का निकलना शुरू हुआ, लेकिन अब फिर से ग्रामीणों की बड़ी चिंता यही है कि बरसात आते ही नदियों में पानी की आवक होगी और फिर से महीनों तक गांवों का संपर्क एक से दूसरे क्षेत्र से कट जाएगा। 
हालांकि इनमें से कुछ पुलियाओं की स्वीकृ़ति भी जारी हुई है, लेकिन बजट की रफ्तार इतनी धीमी है कि बरसात के बाद ही इनमें कोई काम हो पाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में क्षतिग्रस्त हुई पुलियाओं की मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति ही की गई है। ऐसे में नदियों में पानी की आवक होते ही रास्ते पूरी तरह से बंद हो जाएंगे। 

इन उदाहरणों से जानिए पुलियाओं की स्थिति
खेड़ी पुलिया :
 खाताखेड़ी की पुलिया पिछले साल बरसात में क्षतिग्रस्त हुई है। क्षतिग्रस्त होने के बाद इसमें एक पत्थर भी नहीं लगाया गया। ऐसे में पिछले साल जहां बरसात में रास्ता रुका रहा, वहीं इस साल भी यही हालात रहेंगे। बरसात आते ही नदी में पानी की आवक होगी और क्षतिग्रस्त पुलिया डूब में आ जाएगी। इससे लोगों का निकलना मुश्किल हो जाएगा। इस पुलिया से 12 गांवों का संपर्क रहता है। ऐसे में इन गांवों का संपर्क पूरी तरह से कट जाएगा।
उमरिया से राकड़ा रोड : उमरिया से राकड़ा रोड तक दो पुलियाएं क्षतिग्रस्त हैं। इस मार्ग पर बरसात में लोगों का आवागमन पूरी तरह से बाधित रहता है। नदी में उफान आते ही इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही तक बंद हो जाती है। यहां तक कि मरीजों को अस्पताल तक नहीं पहुंचाया जा सकता है। यह क्षेत्र मध्यप्रदेश बोर्डर से नजदीक है। ऐसे में इस मार्ग पर हर दिन सैकड़ों वाहनों की आवाजाही रहती है, लेकिन बरसात में यह मार्ग अवरुद्ध हो जाता है।

बांसखेड़ी मेवातियान : बांसखेड़ी मेवातियान की पुलिया भी पिछली बरसात में टूट गई थी। उस समय भी यहां आवागमन कई महीनों तक बाधित रहा। इस साल हालात और खराब होंगे। पुलिया क्षतिग्रस्त है। बरसात होते ही 10 गांवों का संपर्क कट जाएगा। ऐसे में लोग एक स्थान से दूसरे स्थान तक भी नहीं पहुंच पाएंगे। यहां पर अधिकतर गांव टापू बन जाते हैं।

^ खाताखेड़ी पुलिया को हाईलेवल ब्रिज के लिए 30 करोड़ के प्रस्ताव बनाकर भेज रखे हैं। अभी स्वीकृति नहीं आई है। चित्तौड़ा का रास्ता वैसे तो बंद नहीं हो पाता है, दूसरी पुलियाओं को दिखवाया जाएगा। -रविशंकर मीणा, एईएन, पीडब्ल्यूडी

^पिछले साल बरसात में क्षतिग्रस्त हुई पुलियाओं को ठीक नहीं किया गया है। इससे इस साल बरसात में कई गांवों के रास्ते रुकेंगे। इनको केवल मामूली सी मरम्मत कर छोड़ दिया जाता है जो पहली बरसात में ही क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इस मामले को मैंने विधानसभा में भी उठाया है। बजट मंगवाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आमजन को राहत मिल सके। -गोविंद रानीपुरिया, विधायक, मनोहरथाना

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