खाद्य सुरक्षा योजना में फर्जीवाड़ा:कागजों में आवंटन दिखाकर डीलर ही हड़प गए 12500 लीटर केरोसिन व 32000 किलो चीनी

झालावाड़6 महीने पहले
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  • भास्कर पड़ताल; उपभाेक्ताओं तक पहुंची टीम ताे सामने अाया घाेटाला, रसद विभाग के अधिकारियों ने पोस मशीन और स्टाॅक नहीं मिलाया, इसी का फायदा उठा रहे हैं डीलर

मोहसिन खान | जिले में नौ माह से केरोसिन और चीनी का आवंटन बंद है, फिर भी राशन डीलरों ने पोस मशीनों से उपभोक्ताओं को केरोसिन और चीनी का वितरण कर दिया। हैरत की बात ताे यह है कि जिन उपभोक्ताओं को यह केरोसिन और चीनी देना बताया गया है उन उपभोक्ताओं तक न तो केरोसिन पहुंचा और न ही चीनी। दरअसल, उपभोक्ता जब गेहूं लेने पहुंचे और पोस मशीन में अंगूठा लगाया तो गेहूं के साथ राशन डीलरों ने केरोसिन और चीनी का भी इंद्राज कर लिया। ऐसे में कागजों में ही संबंधित उपभोक्ता काे केरोसिन और चीनी का वितरण कर दिया गया। भास्कर टीम इसकी पड़ताल करने संबंधित उपभोक्ताओं तक पहुंची तब यह सामने आया कि 9 माह में 12500 लीटर केरोसिन और 32 हजार किलो चीनी का फर्जी तरीके से वितरण हो गया है।

एक और सरकार राशन की दुकानों पर कालाबाजारी और फर्जीवाड़ा खत्म करने के प्रयास कर रही है, दूसरी ओर रसद विभाग की ओर लापरवाही से ही इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।जांच कराकर दाेषी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे^केरोसिन और चीनी यदि फर्जी तरीके से उठी है तो जांच करवाई जाएगी। इस मामले में जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।- रतन कुमार योगी, कार्यवाहक डीएसओ, झालावाड़

उपभाेक्ता जब गेहूं लेने पहुंचे ताे डीलर ने गेहूं के साथ केराेसिन और चीनी का भी इंद्राज कर लिया

ऐसे हाेता रहा फर्जीवाड़ाजिम्मेदार रसद विभाग अभी भी अनभिज्ञकेरोसिन और चीनी जब आई तो समय पर वितरण नहीं हुअा। उस समय फर्जी तरीके से कई उपभोक्ताओं के नाम भी खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल थे। इस कारण बड़ह मात्रा में केरोसिन और चीनी का वितरण नहीं हो पाया। इस दौरान डीलरों ने इनकी कालाबाजारी शुरू कर दी। रसद विभाग के अधिकारियों ने भी पोस मशीन और स्टाॅक नहीं मिलाया। इसी का फायदा अब डीलर उठा रहे हैं। डीलर लगातार फर्जी एंट्री से केरोसिन और चीनी का वितरण कागजों में ही कर रहे हैं। हैरत की बात है कि इतना बड़ा मामला अभी तक भी रसद विभाग के अधिकारियों के ध्यान में नहीं आया है।

भास्कर उपभोक्ताओं तक पहुंचा ताे बाेले- न केरोसिन मिला, न चीनी

1. जून के बाद चीनी ही नहीं मिली, मेरे नाम से उठा रहेअंत्योदय परिवार में शामिल प्रेमचंद राठौर ने राशन दुकान एसपीएस कोड नंबर 24531 से 4 अप्रैल को गेहूं लिया। उसको 35 किलोग्राम गेहूं ही मिला है, चीनी नहीं मिली। पिछले साल जून के बाद चीनी अभी तक नहीं मिल पाई। अब उसके नाम से चीनी उठाई जा रही है तो यह गलत है।

2. केराेसिन नहीं लिया, अब हर माह निकल रहा हैखाद्य सुरक्षा में शामिल मोहनलाल ने डीलर एसपीएस कोड 2123 की मशीन से 15 किलो गेहूं 5 अप्रैल को लिए, लेकिन इसके साथ ही उसे केरोसिन का भी वितरण हाेना बताया, जबकि उपभोक्ता को पिछले दो साल से कभी भी केरोसीन नहीं मिला है। फिर भी उसके हिस्से का केरोसिन हर माह निकल रहा है।

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