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कोरोना इफेक्ट:विकास काे कोरोना... जिले में 8700 कराेड़ के प्राेजेक्ट्स की रफ्तार थमी

झालावाड़18 दिन पहले
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  • बड़ा असर: एयरपाेर्ट, परवन परियाेजना व बाईपास निर्माण सहित कई कार्याें की रफ्तार हुई धीमी, निर्धारित समय तक पूरे नहीं हाेंगे कई प्राेजेक्ट
  • काम कर रहे मजदूरों का पलायन, अब दूसरे भी नहीं मिल रहे

माेहसिन खान | कोरोना संक्रमण से सब कुछ थम गया है। इसके चलते जिले में चल रहे 8 हजार 700 कराेड़ के विकास कार्याें में से कई बंद पड़े हैं, ताे कई कार्याें की रफ्तार इतनी कम है कि निर्धारित अवधि तक यह कार्य पूरे नहीं हाे पाएंगे। ऐसे में अब जिलेवासियाें को इन प्राेजेक्ट्स के पूरा हाेने के लिए अभी लंबा इंतजार भी करना पड़ सकता है।जिले में एयरपोर्ट, बाईपास और परवन सिंचाई परियाेजना जैसे महत्वपूर्ण प्राेजेक्ट चल रहे हैं।

कोरोना संक्रमण के चलते पिछले दो साल से एयरपाेर्ट के प्राेजेक्ट का ताे बजट ही नहीं आ रहा है। इससे अब फिर से काम बंद हो गया है, जबकि बाईपास सहित अन्य सड़कों के निर्माण कार्याें की गति धीमी हाे गई है।विभागीय अधिकारियाें का कहना है कि कोरोना के डर के चलते निर्माण कार्यों के लिए मजदूर ही नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण के चलते कई विकास कार्य पूरी तरह से थम गए हैं।

बाईपास; 1123.63 करोड़ रु. का प्राेजेक्ट, मजदूर नहीं मिलने से अधूरा

जिले के लिए सबसे अहम बाईपास प्राेजेक्ट की गति पर भी कोरोना का साया पड़ गया है। 1123.63 करोड रुपए की लागत से 48.88 किमी फोरलेन बाईपास का निर्माण कंवरपुरा से तीनधार तक चल रहा है। इस निर्माण की गति पिछले साल भी कोरोना के चलते प्रभावित हुई थी। तब काम बंद था। अभी काम तो चालू है, लेकिन यहां जो मजदूर और मशीन ऑपरेटर कार्य कर रहे थे उनमें से 50 फीसदी काम छोड़कर चले गए। ऐसे में अभी 73 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है।

परवन वृहद सिंचाई योजना; 7355 करोड़ का प्राेजेक्ट, धीमा पड़ा काम

परवन वृहद सिंचाई परियोजना का कार्य भी धीमा पड़ गया है। कोटा संभाग के तीन जिलों की भूमि को सरसब्ज करने के लिए निर्माणाधीन परवन वृहद सिंचाई परियोजना के कार्य में मजदूरों की संख्या में 40% तक की गिरावट आई है। कई मजदूर कोरोना के डर से चले गए हैं, तो कई को कोरोना हो गया है। फिलहाल, यहां डेम और नहर निर्माण का काम चल रहा है। डेम का काम 50% हो चुका है, लेकिन अब मजदूरों की कमी के चलते समस्या आ रही है।

इधर; प्रधानमंत्री सड़क योजना की 5 सड़कों का निर्माण धीमा

प्रधानमंत्री सड़क योजना की पांच सड़कों के कार्य की गति भी मंद हाे गई है। जिले में 42.71 किमी की पांच सड़कों का निर्माण होना है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते अब मजदूर मिलने में दिक्कत आ रही हैं। 1893 लाख रुपए की लागत से यह निर्माण होना है। इसमें से अभी तक केवल 32.46 किमी की सड़क ही बन पाई है, जबकि अब तक ताे निर्माण कार्य पूरे हो जाने चाहिए थे।बजट घोषणा की दो सड़कों की स्वीकृति मिली, लेकिन टेंडर प्रक्रिया अब शुरू हुईइस बजट घोषणा में जिले को दो सड़कों की सौगात मिली थी। इसमें रटलाई से कलगांव बकानी स्टेट हाईवे 119 को 8.86 करोड़ रुपए की लागत से चौड़ीकरण करनी है। इसकी लंबाई 13.10 किमी है। इसी तरह नलखेड़ी से आंकखेड़ी मध्यप्रदेश की बॉर्डर तक 24 करोड़ रुपए की लागत से सडक का सुदृढ़ीकरण होना है, इसके लिए भी बजट की स्वीकृति आ चुकी है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन में सरकारी कार्यालय भी बंद करने के आदेश हैं। ऐसे में इन दोनों सड़कों की टेंडर प्रक्रिया अब जाकर शुरू हुई है।

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