कोरोना पर रिसर्च / संक्रमित रोगी के शरीर में कोरोना वायरस की संख्या ज्यादा होने पर देरी से हो रहे हैं ठीक, इसलिए तीन मरीजों की पहली रिपोर्ट आई पाॅजिटिव

Due to high number of corona virus in the body of infected patient, they are delayed, so first report of three patients came positive
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Due to high number of corona virus in the body of infected patient, they are delayed, so first report of three patients came positive

  • कोरोना को हराना है तो अपने शरीर के इम्युनिटी सिस्टम को रखना होगा मजबूत

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:24 AM IST

झालावाड़. जिले में वर्तमान में 56 मरीज कोरोना पॉजिटिव हैं, लेकिन अंतिम 8 मरीजों में देखने में आया है कि उनको रिकवर होने में कुछ ज्यादा समय लग रहा है। इन आठ में से 3 मरीज ऐसे हैं, जो सात दिन के इलाज के बाद भी उनकी पहली रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। जबकि एक अन्य संक्रमित की पहली रिपोर्ट निगेटिव आई तो दूसरी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। पिछले महीने आए 46 में से अधिकतर मरीज जल्दी ठीक हुए और सात दिन बाद ही पहली रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी। 
आखिर क्या कारण रहे कि मरीज ठीक होने में ज्यादा समय ले रहे हैं। इसको लेकर माइक्रो बायोलॉजी के विशेषज्ञ से बात की तो सामने आया कि संक्रमित युवक के शरीर में वायरस की संख्या अधिक होने के कारण उसके ठीक होने में ज्यादा समय लग रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस लाखों की संख्या में होते हैं। संक्रमित हुए लोगों में किसी में इनकी संख्या ज्यादा होती है तो उसको ठीक होने में काफी समय लगता है। यही कारण है कि जिन लोगों की पहली रिपोर्ट इलाज के बाद भी पॉजिटिव आ रही है तो उनमें वायरस अधिक संख्या में मौजूद है। 
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि इस वायरस से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, बार-बार हाथ धोना, मास्क लगाना और अपने इम्युनिटी सिस्टम को बढ़ाना बहुत जरूरी है।
पहले: अधिकतर मरीजों की दोनों रिपोर्ट निगेटिव
जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 46 थी, तब तक मरीज जल्द रिकवर हो रहे थे। सात दिन बाद उनकी पहली रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी और तीन-चार दिन बाद दूसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई थी। केवल दो बुजुर्ग, एक रेजिडेंट और एक अन्य मरीज की पहली रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। ऐसे में 42 मरीज जल्दी ठीक हुए, लेकिन उनको गाइडलाइन के अनुसार 14 दिन अस्पतालों में रहना पड़ा।
इनकी पहली रिपोर्ट आई पॉजिटिव

जिले में वर्तमान में तीन मरीज ऐसे सामने आए हैं, जो रिकवर होने में ज्यादा समय ले रहे हैं। झालरापाटन में एक युवक को दो दिन भर्ती रहने के बाद सरकार की नई गाइडलाइन आने पर अपने घर पर आइसालेट किया गया, वह घर पर ही इलाज ले रहा था, लेकिन सात दिन बाद उसकी पहली रिपोर्ट करवाई तो वह पॉजिटिव आई। इसी प्रकार खानपुर में मुंबई से आई बालिका के कोरोना संक्रमित होने के बाद उसकी भी संक्रमित होने के बाद पहली जांच की गई तो वह भी पॉजिटिव आई। शनिवार को अकलेरा के थनावद गांव के पटवार घर में आइसोलेट युवक की भी पहली रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
कोरोना से लड़ना है इम्युनिटी सिस्टम मजबूत हो
एक्सपर्ट कहते हैं कि कोरोना वायरस महामारी बन चुका है। अभी तक इसकी वैक्सीन भी तैयार नहीं हुई है। ऐसे में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए हमें अपना इम्युनिटी सिस्टम मजबूत रखना होगा। इसके लिए व्यायाम करें, योगा करें। सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें। बार-बार हाथों को सेनेटाइज करें।
एक्सपर्ट-व्यू
 झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. योंगेंद्र तिवारी बताते हैं कि कुछ मरीजों के जल्दी ठीक होने और किसी के ठीक होने में ज्यादा समय लगने का मतलब यह नहीं है कि वायरस का ट्रेंड चेंज हुआ है। जिन मरीजों की पहली रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है और ठीक होने में अधिक समय लग रहा है तो यह शरीर में वायरस अधिक संख्या में होने के कारण है। यह संख्या लाखों में होती है। किसी में कम तो किसी में ज्यादा। ज्यादा होने के कारण मरीज के रिकवर होने मे समय ज्यादा लगता है। इसीलिए मरीज की पहली रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।
झालरापाटन में 3 और पॉजिटिव मिले, संक्रमितों की संख्या 59 हुई
जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शनिवार को तीन और नए कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए है। इसके अलावा दो पुराने मरीजों की फर्स्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 59 हो गई है। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि शनिवार को सैकंड लॉट 18 सैंपल टेस्ट के लिए लगाए गए थे, इसमें से 3 सैंपलों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

इसके अलावा एक पुराने संक्रमित की फर्स्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है। तीनों नए संक्रमित झालरापाटन के एक ही परिवार के है। इसमें माता-पिता व उनका बेटा शामिल है। इससे पहले प्रथम लॉट में 86 सैंपल का टेस्ट हुआ था, इसमें अकलेरा थनावद के संक्रमित की फर्स्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। चिकित्सा विभाग के अनुसार तीनों ने सर्दी-जुकाम होने पर एहतियात के तौर पर अपना सैंपल करवाया था।
सुनेल में अब संक्रमित युवक की पत्नी-बेटी सहित  क्वारेंटाइन में रहे दो रेजिडेंट भी कोरोना पॉजिटिव

जिले में अब लगातार कोरोना संक्रमित रोगी सामने आ रहे हैं। जिले में शुक्रवार को चार और मरीज कोरोना पॉजिटिव आए हैं। इसमें दो नए संक्रमित सुनेल में और दो जिला एसआरजी अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर हैं।  सुनेल में मिले संक्रमित युवक पूर्व में इंदौर से पॉजिटिव होकर आए युवक की पत्नी व बेटी है। युवक के संपर्क में आने के कारण दोनों भी पॉजिटिव हो गई। जबकि पूर्व में पत्नी की रिपोर्ट निगेटिव आई थी।

सुनेल में पॉजिटिव मिला युवक इंदौर से लौटने के बाद पूरा परिवार होम क्वारेंटाइन था। इस दौरान पत्नी की ही तबीयत खराब हुई थी। उसको सर्दी-जुकाम व बुखार हुआ था। इस पर गुरुवार को दोनों अस्पताल में इलाज कराने गए थे। तब दोनों का सैंपल लिया था। इसमें बीमार व लक्षण होने के बाद भी पत्नी की रिपोर्ट निगेटिव आई थी और युवक पॉजिटिव आ गया। इसके बाद चिकित्सा विभाग ने युवक के संपर्क में आए 30 जनों को दुबारा टेस्ट करवाया। इसमें पत्नी व बेटा-बेटी की भी सैंपल जांच के लिए भेजा, इसमें पत्नी व बेटी पॉजिटिव आ गई।
सुनेल में आज होगी सैंपलिंग

राजकीय इब्राहिम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी बालमुकुंद वर्मा ने बताया कि पिछले रविवार 32 लोगों में से 13 लोग ही सैंपलिंग के लिए आए थे। बचे हुए 19 लोगों व अन्य राज्यों और हॉटस्पॉट जिलों से आए व्यक्तियों को घरों में ही होम आइसोलेट कर रखा है, जिनकी सैंपलिंग रविवार को दोपहर  12 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर झालावाड़ मेडिकल टीम के द्वारा की जाएगी। चिकित्सा विभाग, मेडिकल टीम तथा अन्य 20 टीमों ने मिलकर कस्बे के 675 घरों का डोर टू डोर सर्वे किया। 8 लोगों को होम आइसोलेट किया गया।
क्वारेंटाइन के दौरान कोरोना वायरस ने दिखाया असर

 इधर, शुक्रवार को आई रिपोर्ट में जिला एसआरजी अस्पताल के दो रेजिडेंट डॉक्टर भी कोरोना पॉजिटिव आए हैं। दोनों रेजिडेंट होटल में क्वारेंटाइन के दौरान पॉजिटिव हुए। एक जो पूर्व में क्वारेंटाइन हुआ था उसका तो अस्पताल में किसी संक्रमित युवक से पॉजिटिव होना माना जा रहा है, लेकिन कोरोना ने क्वारेंटाइन खत्म होने के अंतिम दिनों में अपना असर दिखाया।

रेजिडेंट डॉक्टर के ड्यूटी करने के बाद दो टेस्ट हुए और दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन क्वारेंटाइ खत्म होने पर हॉस्टल में जाने से पूर्व एक बार टेस्ट करवाया, उसमें वह पॉजिटिव आ गया। जबकि एक अन्य रेजिडेंट के पॉजिटिव होने का कारण दोनों के एक ही होटल में क्वारेंटाइन होने के कारण एक दूसरे के संपर्क में आना ही कारण माना जा रहा है।

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