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  • Every District Got A Doctor, Jhalawar Not Even One; The Posts Of 40 Specialist Doctors Including 35 Medical Officers Are Vacant In The District Itself.

झालावाड़ से सौतेला व्यवहार क्यों:हर जिले को डॉक्टर मिला, झालावाड़ को एक भी नहीं; जिले में ही 35 मेडिकल ऑफिसर सहित 40 विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद हैं रिक्त

झालावाड़2 महीने पहले
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सरकार ने प्रदेश में 139 मेडिकल ऑफिसर को नियुक्ति दी - Dainik Bhaskar
सरकार ने प्रदेश में 139 मेडिकल ऑफिसर को नियुक्ति दी

राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय जयपुर द्वारा चिकित्सा अधिकारी (एमओ) भर्ती 2020 में से वर्गवार प्रतीक्षा सूची जारी की गई है। इसमें 139 चिकित्सा अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी पर लगाया गया है, लेकिन झालावाड़ जिले को एक भी डॉक्टर नहीं दिया गया, जबकि झालावाड़ जिले में ही 35 मेडिकल ऑफिसर सहित 40 विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद रिक्त हैं।

इसके चलते स्थानीय चिकित्सा विभाग आए दिन इंटरव्यू आयोजित कर अस्थाई भर्ती कर रहा है। अस्थाई भर्ती के कारण जो भी डॉक्टर आते है, वे साल-दो साल का अनुभव लेकर हायर सेंटर के लिए चले जाते हैं या कुछ पीजी करने चले जाते हैं। स्थानीय चिकित्सा विभाग को भी प्रतीक्षा सूची जारी होने पर नए डॉक्टर मिलने की उम्मीद थी।

लेकिन सरकार ने झालावाड़ को एक भी मेडिकल ऑफिसर नहीं दिया। झालावाड़ को डॉक्टर नहीं मिलना स्थानीय कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों का कमजोर नेतृत्व भी रहा है। जिन जिलों के जनप्रतिनिधियों का सरकार में नेतृत्व अच्छा रहा उन जिलों में एक नहीं, चार से अधिक डॉक्टर मिले।

पूर्व में 10 विशेषज्ञ डॉक्टर भी अस्थाई लगाए

सरकार पिछले सप्ताह जिले में 10 विशेषज्ञ डॉक्टरों लगाए थे, लेकिन इनकी नियुक्ति केवल 30 जून या नवीन पीजी डॉक्टर आने तक जो भी पहले हो की गई थी। ऐसे में 30 जून के बाद यह पद फिर रिक्त हो सकते हैं। ऐसे में झालावाड़ को स्थाई डॉक्टर नहीं मिलने से 12 दिन बाद फिर डॉक्टरों की कमी आ जाएगी। इन 10 डॉक्टरों ने झालावाड़ मेडिकल कॉलेज से पीजी पूर्ण की है, उनको 30 जून तक संबंधित अस्पतालों में नियुक्ति दी है।

नर्सिंग स्टाफ के भरोसे चल रही जिले की 10 पीएचसी

जिले में डॉक्टरों कमी के चलते 10 पीएचसी नर्सिंगकर्मियों के भरोसे चल रही है और कुछ पीएचसी पर आयुष डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। इसमें पिडावा में हरनावदागजा, अकलेरा में थनावद, मनोहरथाना में रवासिया, डग में कुंडला, झालरापाटन में डोंडा में डॉक्टर का पद रिक्त है। यह नर्सिंगकर्मियों के भरोसे चल रही है। कई पीएचसी पर सप्ताह में दो दिन डॉक्टर आते है और शाम के समय तो आते ही नहीं है।

ब्लॉक वाइज डॉक्टरों की स्थिति

  • अकलेरा ब्लॉक : 7 पद स्वीकृत है, यहां 2 मेडिकल ऑफिसर नियुक्त हैं, लेकिन 5 विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है।
  • पिडावा ब्लॉक: 4 सीएचसी और 9 पीएचसी में 31 एमओ के पद स्वीकृत है, इनमें 16 खाली हैं।
  • झालरापाटन ब्लॉक: इसमें दो सीएचसी व 9 पीएचसी है। असनावर में 4 पद रिक्त, पीएचसी डोंडा में एक पद रिक्त है।
  • खानपुर ब्लॉक : ब्लॉक में 12 पद है। एमओ के दो व 6 पद विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त हैं।

विशेषज्ञ डॉक्टर के 40 रिक्त पद हैं। रिक्त पदों के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। स्थानीय स्तर पर इंटरव्यू के माध्यम से डॉक्टर के पद भरे जा रहे हैं।- डॉ. साजिद खान, सीएमएचओ

​​​​​​​झालावाड़ को कुछ दिन पहले ही आठ डॉक्टर मिले हैं, इसलिए 139 डॉक्टर की सूची में झालावाड़ को डॉक्टर नहीं मिले हैं। सौतेला व्यवहार वाली कोई बात नहीं है, कोरोना में ऑक्सीजन प्लांट व अन्य उपकरण सरकार ने ही उपलब्ध करवाए हैं।- कैलाश मीणा, पूर्व विधायक

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