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घोघड़...:यहां झरने का रूप ले लेती है कालीसिंध नदी, ऊंची चट्टानाें से गिरता है पानी

झालावाड़11 दिन पहले
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शहर के निकट से गुजर रही कालीसिंध नदी थाेड़ी दूरी पर हिचर के नजदीक घोघड में झरने का रूप ले लेती है। यहां नदी का पानी ऊंची चट्टानाें से गिरता है ताे झरने की तरह नजर आता है। इसे देखने दूर दूर से लाेग आते हैं और दूर चट्टानाें पर खड़े हाेकर इस दृश्य काे निहारते हैं। यहां आकर हर किसी काे गहरा सूकून भी मिलता है। यहां कल-कल बहते पानी काे काफी ऊंचाई से गिरता देख हर काेई राेमांचित हाे जाता है। ऊंची चट्‌टान से कालीसिंध नदी का पानी झरने की तरह गिरता है ताे इस मनभावन दृश्य काे हर काेई अपने कैमरे में कैद करने काे उत्सुक रहता है। हिचर और हरिश्चंद्र सागर बांध के निकट इस स्थान पर हर राेज झालावाड़ व बारां जिले सहित मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लाेग पहुंच रहे हैं। फोटो : प्रकाशवीर तिवारी

हिचर के पास से चट्टानें काटकर निकाली 40 किमी लंबी नहर, 45 गांवों के किसानों की है भाग्यरेखा

कालीसिंध नदी पर हिचर गांव के पास स्थित हरिश्चंद्र सागर बांध से 40 किमी लंबी नहर निकाली गई है। 15 किमी तक यह नहर नदी में ही चट्टानें काट कर निकाली गई है, आगे यही नहर काेटा जिले के सांगाेद तक जाती है जिससे 45 गांवों के किसान लाभान्वित हाेते हैं। इस नहर से झालावाड़ व काेटा जिले के करीब 10 हजार हैक्टेयर खेताें में धान का उत्पादन होता है। बाद में यह नहर उजाड़ नदी में मिल जाती है।

पर्यटन स्थल बनाने के लिए करेंगे प्रयास^घोघड के लिए पर्यटन विभाग को निर्देश दिए जाएंगे कि वहां पर पर्यटन की संभावनाएं देखें। अगर पर्यटन विभाग काे लगेगा ताे यहां के विकास के लिए प्लान तैयार किया जाएगा।- हरिमोहन मीना, कलेक्टर, झालावाड़

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