शिक्षा:झालावाड़ कॉलेज तकनीकी विवि का संघटक बना

झालावाड़22 दिन पहले
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  • 11 इंजीनियरिंग कॉलेजों का वित्तीय व प्रशासनिक नियंत्रण तकनीकी विवि के अधीन

दीपावली का पावन पर्व पर झालावाड़ इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए एक अच्छी खबर है। झालावाड़ इंजीनियरिंग कॉलेज सहित प्रदेश में ऑटोनोमस सोसाइटी मोड में चल रहे 11 इंजीनियरिंग कॉलेजों को मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद तकनीकी शिक्षा विभाग ने नोटीफिकेशन जारी कर सरकारी तकनीकी विश्वविद्यालयों का वित्तीय प्रावधानों के साथ संघटक महाविद्यालय बना दिया गया है।

झालावाड़ इंजीनियरिंग कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में ये निर्णय इसलिए बड़ा है क्योंकि पिछले दो वर्षों से इन कॉलेजों के कर्मचारी वेतन सम्बन्धी परेशानियों से जूझ रहे है। विश्वविद्यालय का संघटक महाविद्यालय बनने से अलग-अलग भौगोलिक स्थिति में स्थापित इंजीनियरिंग कॉलेज रीजनल हब तथा स्थानीय औद्योगिक जरूरतों के मुताबिक रिसर्च सेंटर विकसित कर सकेंगे, जिससे रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही इन महाविद्यालयों को हर साल संबद्धता और मान्यता लेने का चक्कर नहीं होगा।

जिससे इन कॉलेजों का समस्त ध्यान महाविद्यालय के विकास, रिसर्च, अकादमिक एक्सीलेंस पर ही होगा। संघटक महाविद्यालय बनने से इन कॉलेजों का समस्त वित्तीय व प्रशासनिक नियंत्रण तकनीकी विश्वविद्यालयों के अधीन होगा व इन महाविद्यालयों के कर्मचारी विश्वविद्यालय कर्मचारी कहलाएंगे। नोटिफिकेशन के अनुसार इन कॉलेजों के समस्त कर्मचारी, संपत्तियां व दायित्व अब इन तकनीकी विश्वविद्यालयों के सुपुर्द होंगे। कर्मचारियों के विलय के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग ने आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन प्रो. बीएम शर्मा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय स्क्रीनिंग कमिटी का भी गठन किया है।

कमेटी में सदस्य के तौर पर राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर गुप्ता, तकनीकी शिक्षा के संयुक्त सचिव डॉ. मनीष गुप्ता सहित बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार भी होंगे।प्लेसमेंट की समस्या खत्म हो जाएगी^ सरकार का यह एक महत्वपूर्ण निर्णय है। झालावाड़ इंजीनियरिंग कॉलेज विश्वविद्यालय का संघटक कॉलेज बन गया है। इससे विद्यार्थियों की प्लेसमेंट की समस्या खत्म हो जाएगी। फेकल्टी के प्रमोशन आदि समय पर होंगे। इंजीनियरिंग कॉलेजों में विकास, रिसर्च, व एकेडमिक एक्सीलेंस बढे़गा। यानी हर प्रकार से कॉलेज का डवलपमेंट बढ़ जाएगा।-करतारसिंह, प्राचार्य, झालावाड़ इंजीनियरिंग कॉलेज

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