अब 15 दिसंबर तक हाेगी भर्ती:भर्ती के अंतिम दिन मेडिकल कॉलेज को 81 में से महज 4 ही अस्थाई जूनियर रेजीडेंट मिले

झालावाड़2 महीने पहले
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ओपीडी कक्ष में जीरियाटिक वार्ड में डॉक्टर का इंतजार करते मरीज। - Dainik Bhaskar
ओपीडी कक्ष में जीरियाटिक वार्ड में डॉक्टर का इंतजार करते मरीज।
  • रेजीडेंट ने रुचि इसलिए नहीं दिखाई, क्योंकि पीजी काउंसलिंग होते ही सरकार निकाल देगी
  • क्योंकि...झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में फिक्स मानदेय, कोटा में मानदेय प्लस डीए मिलने से वहां ज्यादा रुचि दिखा रहे

झालावाड़ मेडिकल कॉलेज को मंगलवार को अंतिम तिथि निकलने के बाद भी 81 में से मात्र 4 अस्थाई जूनियर रेजीडेंट मिले हैं। रेजीडेंट के रुचि नहीं दिखाने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अब भर्ती की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 दिसंबर कर दी है। हालांकि आगे भी पीजी रेजीडेंट मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। मेडिकल कॉलेज को रेजीडेंट नहीं मिलने के दो बड़े कारण है। एक तो यह की नीट पीजी काउंसलिंग होते ही उनको हटा दिया जाएगा, दूसरा सोसायटी का मेडिकल कॉलेज होने के कारण यहां फिक्स वेतनमान है, जबकि कोटा मेडिकल कॉलेज में इसी अस्थाई भर्ती में लगने वाले रेजीडेंट को मानदेय प्लस डीए का भुगतान किया जा रहा है।

इस वजह से पीजी रेजीडेंट वहां ज्यादा रुचि ले रहे हैं।पीजी रेजीडेंट की हड़ताल रोकने के लिए राज्य के 7 मेडिकल कॉलेजों के लिए सरकार ने 1054 पदों पर अस्थाई जूनियर रेजीडेंट की भर्ती निकाली है। इसके तहत झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में भी 81 पदों पर साक्षात्कार के माध्यम से सीधी भर्ती हो रही है। मंगलवार को भर्ती का अंतिम दिन था, लेकिन 7 दिनों में मात्र 4 अस्थाई जूनियर रेजीडेंट मेडिकल कॉलेज को मिल पाए हैं, जबकि पिछले दो दिनों में एक भी नया रेजीडेंट नहीं आया। अभी तक आए 4 रेजीडेंट भी 4 दिसंबर तक आए थे।

ये दो बड़े कारण; जिसके कारण भर्ती में रुचि नहीं दिखाई रेजीडेंट ने

1. फिक्स मानदेय मिलना: झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में भी 81 पदों पर जूनियर रेजीडेंट की भर्ती हो रही है, लेकिन यहां पीजी रेजीडेंट भर्ती में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, क्योंकि झालावाड़ मेडिकल कॉलेज सोसायटी का मेडिकल कॉलेज है। इसके अपने बायलॉज बने हुए हैं। यहां सभी का फिक्स मानदेय होता है। अस्थाई जूनियर रेजीडेंट भर्ती में आने वालों को भी फिक्स मानदेय मिलेगा। इसलिए भी रेजीडेंट ने रुचि नहीं दिखाई। मेडिकल कॉलेज में 56 हजार रुपए फिक्स है, जबकि अन्य जगह डीए के कारण यह वेतन 60 हजार से अधिक है।

2. पीजी काउंसलिंग होते ही सेवाएं समाप्त होगी: हड़ताल रोकने के लिए सरकार ने पीजी काउंसलिंग की अस्थाई भर्ती निकाली है। इसके नियम शर्तों में साफ लिखा है कि नीट पीजी काउंसलिंग या समयावधि दोनों में से जो भी पहले हो इनकी सेवाएं समाप्त मानी जाएगी। इसके कारण भी रेजीडेंट अस्थाई नौकरी में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में ही नहीं राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेज में भी अस्थाई भर्ती में रेजीडेंट ने रुचि नहीं दिखाई है।

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