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सुकेत गैंगरेप:पुलिस ने 1750 पेज का चालान पेश किया, 25 आरोपी झालावाड़ और 2 कोटा जिले के

कोटा/झालावाड़एक महीने पहले
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डीएसपी ने सुकेत के दुष्कर्म के मामले में चालान पेश किया। - Dainik Bhaskar
डीएसपी ने सुकेत के दुष्कर्म के मामले में चालान पेश किया।

झालावाड़ में दाे माह पहले नाबालिग दलित बालिका से हुए सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में सुकेत पुलिस ने दो माह के अनुसंधान के बाद शुक्रवार को काेटा स्थित न्यायालय पोक्सो क्रम-2 में करीब 1750 पेज का चालान पेश कर दिया। पुलिस ने अपराध पाए जाने पर 3 महिला सहित 27 आरोपियों को जांच में दोषी माना है। इसी मामले में पूर्व में 4 बाल अपचारियों के खिलाफ बाल न्यायालय में चालान दाखिल किया जा चुका है।

पीड़िता ने 6 मार्च 2021 को पुलिस थाना सुकेत पर एक लिखित रिपोर्ट इस आशय की प्रस्तुत की गई कि 25 फरवरी 2021 को दिन में करीब 2 बजे उसे बुलबुल उर्फ पूजा व चौथमल बैग दिलाने के बहाने झालावाड़ ले गए और वहां मामा भांजा चौराहे के पास पार्क में बिठा दिया,जहां 3-4 लड़के आए और बुलबुल से बातें करने लगे‌। रिपोर्ट के अनुसार बुलबुल और चौथमल उसे उन लड़कों के पास छोड़ कर चले गए।

वे लड़के उसे झालावाड़ में किसी कमरे में ले गए,जहां मोहल्ले वालों ने भगा दिया। उसके बाद अब्बू नाम का लड़का उसके दोस्तों के साथ उसे गागरोन किले पर ले गया और सभी ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की रिपोर्ट पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 363,366,376 व पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस ने इस मामले में महिला, बाल अपचारी सहित लगभग 30 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत भेज दिया गया था। पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी के निर्देश पर एएसपी पारस जैन के सुपरविजन में डीएसपी मंजीत सिंह व नेत्रपाल सिंह ने गहन जांच पड़ताल व अथक प्रयास कर चालान तैयार किया। पुलिस ने अनुसंधान के बाद आईपीसी की धारा 363,376 डीए आईपीसी व पोक्सो एक्ट की धारा 5(एम)/6,16/17 व एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत चालान न्यायालय में पेश किया।

पीड़िता को केस वापस लेने व राजीनामे के लिए आरोपी ने दी थी धमकियां

पीड़िता की वकील तरन्नुम ने कोटा ग्रामीण एसपी से मुलाकात करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्हें एक प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें बताया था कि पीड़ित परिवार को धमकाने के लिए आरोपियों के परिजन लगातार पहुंच रहे हैं और पीड़िता के परिवार पर केस वापस लेने और राजीनामे का दबाव बना रहे हैं।

उन्होंने प्रार्थना पत्र में मांग की थी कि पीड़िता के घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि पीड़ित परिवार से मिलने आने वालों की पहचान की जा सके। इधर, प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले एसएचओ नारायणलाल लाइन हाजिर और एएसआई बाबूलाल निलंबित किए जा चुका हैं।

इन आराेपियाें के खिलाफ चालान पेश

राजा खान (20) निवासी झालावाड़, बिट्टू उर्फ वारिश (26) निवासी कोटड़ी पुलिस चौकी के पास, कोटा, अरशद अयूब (30) निवासी झालावाड़,नब्बू (24) निवासी झालावाड़, इंसाफ ( 22) निवासी झालावाड़, तौहीद (21) झालावाड़,चौथमल (21) सुकेत, शाहरुख (23) झालावाड़, शाहरुख (22) झालावाड़, पूजा जैन (19) सुकेत, समीर अब्बासी (19), आफताब (20) झालावाड़, मोहम्मद कैफ (19) झालावाड़, इमरान (21) झालावाड़, मोनू हाड़ा (27) झालावाड़, शोएब (26) झालावाड़, आशिक अली (25) झालावाड़, नगमा पत्नी आशिक (20) झालावाड़, शाहजहां पत्नी अब्दुल रशीद (50) झालावाड़, शाहरुख (21) झालावाड़, सैय्यद (22) झालावाड़, मुश्ताक खान (26) झालावाड़, अरशद खान (22) झालावाड़, मनजीत सिंह (65) झालावाड़, रेहान (35) झालावाड़, मोहम्मद आसिफ (35) झालावाड़, आसिफ (31) झालावाड़। चालान में शामिल 27 आरोपियों में से 25 झालावाड़ जिले के निवासी हैं, जबकि 2 कोटा जिले के हैं।

सुर्खियों में रहा सुकेत नाबालिग गैंगरेप कांड

गैंगरेप का चर्चित यह मामला कोटा जिला ही नहीं, राजस्थान के बाहर कई दिनों तक देशभर में सुर्खियों में रहा। इस कांड ने सभी लोगों को झकझोर दिया था। लोगों में एक ही आवाज उठी थी कि ऐसे अपराधियों को फांसी देना चाहिए, ताकि कोई व्यक्ति आगे इस तरह का घोर अपराध नहीं कर सके।

विधानसभा में हुआ था हंगामा सुकेत रेप मामले को लेकर विधानसभा में भी हंगामा हो चुका है। मदन दिलावर ने मामले में हुई गिरफ्तारी पर सवाल उठाए थे। भाजपा विधायक सन्दीप शर्मा , प्रताप सिंह सिंघवी के साथ चन्द्रकान्ता मेघवाल ने भी आवाज उठाई थी। मदन दिलावर की रेप के आरोपियों के खिलाफ की गई टिप्पणी पर स्पीकर सीपी जोशी ने फटकार तक भी लगा दी थी।

पारधी ने देश की सबसे बड़ी घटना बताया था

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य सुभाष रामनाथ पारधी भी कोटा पहुंचे थे। मामले में पीड़िता के परिजनों से मुलाकात के बाद उन्होंने सर्किट हाउस में पुलिस -प्रशासन के अधिकारियों से फीडबैक लिया था। मीडिया से बातचीत में आयोग सदस्य सुभाष रामनाथ पारधी ने सुकेत रेप घटना को देश की सबसे बड़ी घटना बताया था।

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